लखनऊ : 12 साल बाद भी प्लॉट मिला न पैसा, रोहतास बिल्डर पर एफआईआर
लखनऊ, अमृत विचार : रियल एस्टेट कंपनी रोहतास बिल्डर्स पर प्लॉट बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का आरोप लगा है। बरेली के सिविल लाइन निवासी पीड़ित का कहना है कि 12 वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो उसे प्लॉट मिला और न ही जमा की गई रकम वापस की गई। मामले में रोहतास बिल्डर्स व कंपनी के अधिकारी नितिन भाटिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला बरेली से ट्रांसफर होकर हजरतगंज थाने पहुंचा है, जहां पुलिस जांच कर रही है।
सिविल लाइन, बरेली निवासी अखिलेश चन्द्र सक्सेना के अनुसार वर्ष 2013 में उन्होंने गैसर्स रोहतास प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, लखनऊ की सुल्तानपुर रोड स्थित आवासीय योजना में 150 वर्ग गज का प्लॉट बुक कराया था। इसके लिए फरवरी 2013 में उन्होंने 8 लाख 59 हजार रुपये चेक के माध्यम से कंपनी को जमा किए थे। कंपनी के अधिकारी नितिन भाटिया द्वारा 2 मार्च 2013 को एग्रीमेंट भी किया गया था। योजना के तहत उन्हें सेक्टर-3 में प्लॉट संख्या टी-3/298 आवंटित किया गया। पीड़ित के मुताबिक वर्ष 2015 में कंपनी ने पत्र भेजकर प्लॉट का क्षेत्रफल पांच वर्ग गज बढ़ने और पीएलसी जोड़ने की बात कहते हुए अतिरिक्त धनराशि मांगी। इस पर उन्होंने 7 नवंबर 2015 को 60 हजार रुपये और जमा कर दिए। इस प्रकार कुल 9 लाख 19 हजार रुपये कंपनी के पास जमा हो चुके हैं।
अखिलेश सक्सेना ने बताया कि एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार 30 माह के भीतर या तो 150 वर्ग गज का प्लॉट दिया जाना था या फिर 9,500 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से 14 लाख 25 हजार रुपये लौटाने का विकल्प था। लेकिन एग्रीमेंट की तारीख से 12 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो प्लॉट दिया गया और न ही तय राशि वापस की गई। इस संबंध में कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।
