कानपुर : चिकित्सा शिक्षा के लिए देह दान करने वाले 12 दिवंगत को युग दधीचि सम्मान

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Published By Deepak Mishra
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आठ माह में युग दधीचि देहदान महायज्ञ में 12 महादानियों ने दी थी खुद की आहुति

कानपुर, अमृत विचार। आठ माह में युग दधीचि देहदान महायज्ञ में खुद की आहुति देने वाले 12 महादानियों का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के एलटी-वन सभागार में युग दधीचि सम्मान से विभूषित किया गया, इनमे स्व.विजयपाल जैन, स्व. राम शरण गुप्त, स्व. आरके तिवारी, स्व. विजयप्रभा अग्रवाल, स्व. रीना पुरखार, स्व. लालमती देवी, स्व.शंकर लालजी, स्व.कृष्ण कांत मिश्र, स्व. संतोष सिंह कुशवाहा, स्व.रमा पाल, स्व.सरदार गुरुदर्शन सिंह व स्व. स्वर्ण कौर के परिजन को सम्मान पत्र दिया गया। 

युग दधीचि सम्मान समारोह में शामिल पूर्व महापौर पं. जगतवीर सिंह द्रोण ने कहा कि सेंगर दंपति ने अपने अथक प्रयासों से देहदान की परंपरा बना दिया है। सांसद देवेन्द्र सिंह भोले ने सभी देहदानी परिवारों के साहस की सराहना करते हुये कहा कि समाज की प्रचलित आस्था को पूरी तरह बदल देने वाला यह अभियान इस सदी का अद्भुत आन्दोलन है। डॉ. उमेश पालीवाल, पं.शेष नारायण त्रिवेदी व पं.सुमित मिश्र ने देहदानी परिवारों को अंगवस्त्र प्रदान किये। डॉ. वीसी रस्तोगी, नंदिता मिश्रा व रोटेरियन तरुणा सरदाना ने सभी को सम्मान पत्र से विभूषित किया।

एनाटॉमी प्रमुख डॉ. सुनीति पाण्डेय ने कहा कि देहदानियों के जरिये ही मेडिकल छात्र-छात्राओं को चिकित्सा शिक्षा का अच्छा लाभ मिल पाता है और वह मनाव शरीर की अच्छे से अध्ययन कर मरीजों को इलाज करने में सक्षम बन पाते हैं। अभियान प्रमुख मनोज सेंगर व माधवी सेंगर ने बताया कि अब लगभग पूरे प्रदेश में अभियान का विस्तार हो चुका है।

अब तक 314 मृत देह विभिन्न राजकीय मेडिकल कालेजों को दान की जा चुकीं हैं। चार हजार से अधिक लोगों ने संकल्प पत्र भरे हैं। बीते आठ माह में युग दधीचि देहदान महायज्ञ में 12 महादानियों ने खुद की आहुति दी। इस दौरान शरद प्रकाश अग्रवाल, पूर्व पार्षद मदन लाल भाटिया, रविकांत तिवारी, प्रकाश धवन, कालेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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