Char Dham Yatra 2026 : यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी करने के निर्देश, ट्रांजिट कैंप की समीक्षा बैठक में बोले बड़े अधिकारी 

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Published By Anjali Singh
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ऋषिकेश। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शनिवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को यहां चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में तैयारियों को लेकर प्रथम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को 31 मार्च तक पूर्ण रूप से चाक-चौबंद करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। 

गढ़वाल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु यात्रा मार्गों की सड़कों का सुधारीकरण, पार्किंग क्षमता में वृद्धि, पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हेली सेवा, विद्युत, पेयजल, दूरसंचार एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। बैठक में रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी प्रतीक जैन द्वारा केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा को लेकर एक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किया गया। 

उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान पैदल मार्ग पर यात्रियों एवं घोड़े-खच्चरों की अधिक आवाजाही के कारण श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। इस समस्या के समाधान हेतु पुराने मार्ग से लगभग पांच किलोमीटर कम दूरी वाला एक नया वैकल्पिक पैदल मार्ग तैयार किया गया है। नए मार्ग पर बिजली, पानी एवं शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को शीघ्र विकसित किया जाना है। 

इस पर गढ़वाल कमिश्नर ने जिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर सभी तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसके पश्चात इस नए मार्ग को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। नए मार्ग के खुलने से पुराने पैदल मार्ग पर यात्रियों का दबाव कम होने की संभावना है। बैठक में अवगत कराया गया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर सभी धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित की जाएंगी, जिसके साथ ही चारधाम यात्रा प्रारम्भ हो जाएगी। 

इसके मद्देनजर यात्रा पंजीकरण, सुरक्षा, यातायात एवं आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण व्यवस्था होगी और अधिक सुगम तीर्थपुरोहित समाज, मंदिर समितियों एवं रोटेशन व्यवस्था समिति से प्राप्त सुझावों के आधार पर यात्रियों की सुविधा हेतु ऋषिकेश एवं हरिद्वार के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी पंजीकरण काउंटर बढ़ाने का निर्णय लिया गया। 

पर्यटन विभाग को ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेकर तत्काल क्रियान्वयन का आश्वासन दिया गया। चारधाम यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सभी धामों एवं यात्रा मार्गों पर पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, विद्युत, दूरसंचार, हेली सेवा एवं आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश संबंधित जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को दिए गए। 

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