दुबग्गा में डग्गामार वाहनों का बोलबाला, सुरक्षा से खुलेआम हो रहा खिलवाड़
एक ओमनी में 10 सवारियां, 50 रुपये किराया तय कर खुलेआम भर रहे यात्री
लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से संचालित डग्गामार वाहन यात्रियों की जान जोखिम में डालकर खुलेआम सवारियां ढो रहे हैं। न इन्हें पुलिस का डर है और न ही परिवहन विभाग का। दुबग्गा चौराहा, कानपुर बाईपास से लेकर दुबग्गा थाने तक का इलाका डग्गामार वाहनों का अड्डा बना हुआ है, जहां नियमों को ताक पर रखकर पूरे दिन सवारी भरने का खेल चलता रहता है।
इस क्षेत्र में ईको वैन, ओमनी, मारुति सुजुकी वैन और निजी बसें अवैध रूप से स्टैंड बनाकर खड़ी रहती हैं। वाहन चालक आवाज लगाकर सवारियां भरते हैं और संडीला जाने के लिए प्रति सवारी 50 रुपये किराया वसूल रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रोजाना 50 से अधिक ओमनी और अन्य छोटे वाहन इसी स्थान से सवारियां भरकर रवाना होते हैं।
क्षमता से अधिक सवारियां, बढ़ रहा हादसे का खतरा
नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए एक छोटी गाड़ी में 10 से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। वर्तमान में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे हालात में यदि कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
गिरोह की तरह काम कर रहे चालक
स्थानीय लोगों का कहना है कि डग्गामार वाहन चालक गिरोह के रूप में काम करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इन्हें रोकने या टोकने की कोशिश करता है तो ये लोग लड़ाई-झगड़े पर आमादा हो जाते हैं। जल्दी-जल्दी चक्कर लगाने के चक्कर में वाहन तेज रफ्तार से चलाए जाते हैं, जिससे यात्रियों की जान पर हर समय खतरा बना रहता है।
खुलेआम नियमों का उल्लंघन
इन वाहनों के पास न तो वैध परमिट है और न ही निर्धारित स्टैंड, इसके बावजूद दुबग्गा चौराहे पर दिनभर अवैध संचालन जारी रहता है। संबंधित विभागों की कार्रवाई न के बराबर नजर आती है।
लगातार डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मामला संज्ञान में आया है। टीम गठित कर दुबग्गा क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच और कार्रवाई की जाएगी।
— आलोक यादव, एआरटीओ, लखनऊ
