पीलीभीत: सरकारी जमीन कब्जाने की कोशिश में पेट्रोल पंप कारोबारी पर FIR दर्ज
पीलीभीत, अमृत विचार। बीएसए कार्यालय परिसर में सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में राजस्व टीम की ओर से की गई पैमाइश के बाद पेट्रोल पंप कारोबारी की मुश्किलें बढ़ गई है। पैमाइश में उनके द्वारा सरकारी जमीन पर भी पिलर लगाकर कब्जा करने की कोशिश की बात स्पष्ट हो चुकी है। शिक्षक की ओर से दी गई तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
बता दें कि बीएसए कार्यालय परिसर में काफी जमीन खाली पड़ी है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश की गई। बताते हैं कि 14 जनवरी को पेट्रोल पंप कारोबारी ने श्रमिक लगाकर बाउंड्री खोदवाते हुए पिलर लगवाना शुरू कर दिया गया था। जमीन पर पेट्रोल पंप कारोबारी ने मालिकाना हक जताते हुए न्यायालय के आदेश का हवाला दिया था। इधर, जानकारी लगते ही बीएसए रोशनी सिंह समेत स्टाफ ने इसका विरोध कर दिया। जमीन की सत्यता जाने के लिए मौके पर पहुंची एसडीएम श्रद्धा सिंह ने काम रुकवाते हुए मामले की जांच शुरु कर दी थी। इसको लेकर बीते शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीमें बीएसए कार्यालय परिसर में पहुंची और पैमाइश की।
जहां बीएसए कार्यालय के कर्मचारी भी मौजूद रहे। पैमाइश में सामने आया कि जहां पेट्रोल पंप कारोबारी की ओर से खुदाई कर पिलर लगाए गए हैं। वह जमीन गाटा संख्या के अनुसार बीएसए विभाग की निकली है। क्योंकि इस जमीन में दो से तीन अलग-अलग गाटा संख्या पाए गए हैं। जिसके बाद राजस्व टीम ने चूना डालकर चिन्हीकरण कर दिया। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद बीएसए रोशनी सिंह ने अपने मातहतों के साथ बैठक कर विचार विमर्श किया।
फिर शनिवार पूर्व माध्यमिक विद्यालय डोरीलाल भीमसेन के इंचार्ज नीरज अरोड़ा ने कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें बताया कि 14 जनवरी की शाम करीब चार बजे रोडवेज अड्डे के पास स्थित पेट्रोल पंप के मालिक संदीप पुरी 10 से 12 अज्ञात लोगों के साथ जेसीबी लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में पहुंचे। विद्यालय की 0.300 हेक्टेयर पर अवैध रूप से निर्माण कराने के उद्देश्य से जेसीबी से खुदाई करने लगे। आरोपियों ने कब्जे की नीयत से पिलर लगाने का प्रयास किया और भूमि के चिह्नित सीमांकन को खुर्द-बुर्द कर दिया।
जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर आमादा हो गए और जमीन पर कब्जा करने की धमकी दी। साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। घटना की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
