SJ-100 : रूस और भारत में होगी एक और बड़ी डील...पैसेंजर विमान की बिक्री पर बातचीत जारी, जल्द होगा समझौता 

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Published By Anjali Singh
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मॉस्को। रूस और भारत के बीच रूसी निर्मित यात्री विमान एसजे -100 की खरीद और स्थानीय उत्पादन पर प्रारंभिक समझौते हो चुके हैं और बातचीत जारी है। यह जानकारी रूस के उद्योग और व्यापार उप मंत्री गेनाडी अब्रामेनकोव ने मंगलवार को दी। अब्रामेनकोव ने कहा "साझेदारों के साथ खरीद की संभावना पर एक प्रारंभिक समझौता हो चुका है, जिसके बाद भारत में इस प्रकार के विमान का स्थानीय उत्पादन किया जाएगा। फिलहाल, बातचीत चल रही है। 

अक्टूबर के अंत में रोस्टेक सरकारी निगम का हिस्सा, यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी) और भारतीय सरकारी निगम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एसजे-100 विमान के उत्पादन पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यूएसी के प्रमुख वादिम बदेहा ने बाद में कहा कि भारत ने एसजे-100 विमान की उच्च दक्षता को ध्यान में रखा है। 

एसजे-100 एक अल्प दूरी का नैरो-बॉडी विमान है जिसे आयातित प्रणालियों और घटकों को बदलने के कार्यक्रम के तहत विकसित किया जा रहा है। यह विमान वर्तमान में संचालित सुपरजेट प्रकार के विमानों के परिवार में एक और मॉडल बनेगा। एसजे विमान ने रूसी पीडी-8 इंजन के साथ अपनी पहली उड़ान 17 मार्च, 2025 को कोम्सोमोल्स्क-ऑन-अमूर शहर में भरी। इसकी क्रमिक डिलीवरी इसी वर्ष निर्धारित है। 

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भारत में एसजे-100 नागरिक यात्री विमान के उत्पादन के लिए रूसी सार्वजनिक संयुक्त स्टॉक कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया पोस्ट में देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए इस ऐतिहासिक कदम की सराहना की थी। 

उन्होंने कहा था कि एसजे-100 उड़ान योजना के तहत अल्प दूरी की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और नागरिक उड्डयन में 'आत्मनिर्भरता' हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एसजे-100 देश में निर्मित होने वाला पहला पूर्ण यात्री विमान होगा।उन्होंने यह भी कहा था कि विमान के निर्माण से निजी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और विमानन उद्योग में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

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