कांगो में खदान धंसने से 70 नाबालिगों समेत 200 से अधिक मजदूरों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
किंशासा। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में मंगलवार को एक खदान के ढहने से 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गयी है। डीआरसी सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी। डीआरसी के खनन मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, यह घटना नॉर्थ किवु प्रांत में रुबाया खदान पर हुई, जो कोल्टन संसाधन के लिए जानी जाती है।
यह दुर्घटना "बहुत ज़्यादा भारी बारिश" के कारण हुई। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इस हादसे में करीब 70 नाबालिगों सहित 200 से ज़्यादा लोगों की जान चली गयी। बयान में कहा गया है कि रुबाया माइनिंग क्षेत्र 2024 से मार्च 23 मूवमेंट (एम23) विद्रोही ग्रुप के नियंत्रण में है, जिससे इस हादसे में बचाव कार्य खास तौर पर मुश्किल हो गया है। मंत्रालय ने बताया कि खनन क्षेत्र को पहले नवंबर से "खतरे के क्षेत्र" के तौर पर वर्गीकृत किया गया था।
इस वर्गीकरण के बाद यहां खनन पर रोक लग जानी चाहिए थी। रूबाया के रहने वाले और खनिक डेविड कासेरेका ने बताया, "कसासा नाम के पहाड़ पर भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन ने कई लोगों को निगल लिया।" एम23 ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले जनवरी में भी रूबाया में कोल्टन खनन स्थल पर कई शाफ्ट गिरने से कम से कम 200 लोग मारे गए थे। स्थानीय मीडिया ने बताया कि मरने वालों की संख्या 400 से ज़्यादा हो सकती है, जिसमें वे लोग शामिल नहीं हैं जो अभी भी लापता हैं।
कोल्टन, या कोलंबाइट-टैंटलाइट, टैंटलम का मुख्य स्रोत है। यह एक दुर्लभ धातु है जिसका इस्तेमाल आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने में होता है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि अकेले रूबाया की खदानें वैश्विक टैंटलम आपूर्तिकर्ता के रूप में लगभग 15 प्रतिशत का योगदान देती है।
