चारबाग स्टेशन के पास से तीन साल की मासूम अगवा, डेढ़ महीने बाद दर्ज हुई FIR
लखनऊ, अमृत विचार: चारबाग रेलवे स्टेशन स्थित बड़ी लाइन के पास से तीन साल की मासूम को अगवा कर लिया गया। यह घटना उस वक्त हुई जब बच्ची परिवार संग स्टेशन के पास फुटपाथ पर सो रही थी। 4 दिसंबर को गायब बच्ची की सूचना जीआरपी में देने के बाद परिजन लखनऊ व कानपुर में खोजबीन करते रहे। फिर डॉक से प्रार्थना पत्र भेजकर पैतृक गांव जौनपुर चले गए। पत्र देख हुसैनगंज पुलिस जौनपुर पहुंची। करीब डेढ़ माह बाद 21 जनवरी को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गयी। पुलिस सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच कर रही है।
मूल रूप से जौनपुर के मछली शहर निवासी वीना चारबाग रेलवे स्टेशन की बड़ी लाइन स्थित पानी की टंकी के नीचे अपने परिवार के साथ रहती हैं। 4 दिसंबर की रात करीब 2:30 बजे वीना परिवार संग सो रही थी। इसी दौरान कोई उनकी तीन साल की बेटी रतिका को उठा ले गया। करीब 3 बजे जब वीना की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बेटी रतिका गायब है। यह देख वह डर गयी। परिवारवालों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला।
इसी बीच पति राजेश के मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि बच्ची उसके पास सुरक्षित है और वह घंटाघर के पास मौजूद है। परिजन ने बच्ची के अपहरण की सूचना जीआरपी थाने में दी। बताया कि मोबाइल नंबर (97952.....) से कॉल आया, उस पर दोबारा संपर्क करने पर कॉलर ने खुद को कानपुर से बोलने वाला बताया। पुलिस को जानकारी देने के बाद परिजन बच्ची की तलाश में कानपुर गए। कई दिनों तक खोजबीन के बाद भी बच्ची का कुछ पता नहीं चला।
करीब 20 दिन बाद पीड़ित माता-पिता लखनऊ आए और डाक प्रार्थना पत्र भेजकर वापस गांव चले गए। कुछ समय तक उनका मोबाइल फोन भी बंद रहा। डाक से प्रार्थना पत्र मिलने के बाद पुलिस ने जौनपुर जाकर परिजन से संपर्क किया। वहां से अपहृत बच्ची के माता-पिता का नंबर मिला। उसके बाद संपर्क कर उन्हें बुलाया गया। जिसके बाद परिजन 21 जनवरी को हुसैनगंज कोतवाली पहुंचे। पीड़ित माता-पिता ने पुलिस को सारी बात बतायी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एनजीओ का है नंबर, कानपुर जाएगी पुलिस
एसओ ने बताया कि परिजन ने एक नंबर बताया। संपर्क किया तो कानपुर की एनजीओ से जुड़ी महिला का है। पता चला कि चारबाग में खोजबीन के दौरान पीड़ित परिजन एनजीओ की महिला से मिले थे तो नंबर भी दिया था। फिलहाल पुलिस की एक टीम शुक्रवार को कानपुर भेजी जाएगी। पुलिस एनजीओ से जुड़ी महिला से बात कर छानबीन करेगी।
जीआरपी की लापरवाही आयी सामने
इस घटना से रेलवे स्टेशन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एसओ शिवमंगल सिंह ने बताया कि 4 जनवरी को ही बच्ची के माता-पिता ने जीआरपी में सूचना दी थी। जीआरपी घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल हुसैनगंज का था, इसके बाद भी जीआरपी ने हुसैनगंज पुलिस को जानकारी नहीं दी। डाक से पत्र आने के बाद हुसैनगंज पुलिस मौके पर पहुंची तो जानकारी हुई। अगर जीआरपी खुद एक्शन लेती या उन्हें सूचना देती तो अहम सीसीटीवी फुटेज मिल सकती थी।
