बदायूं : ब्यौर कासिमाबाद पहुंचा भाजपा का प्रतिनिधि मंडल, पीड़ितों का हाल जाना
ग्रामीणों ने लगाए पुलिस पर अत्याचार के आरोप, भाजपा प्रतिनिधि मंडल से की जांच की मांग
इस्लामनगर, अमृत विचार। थाना इस्लामनगर क्षेत्र के गांव ब्यौर कासिमाबाद में कुछ दिन पहले प्रभात फेरी को लेकर हुए विवाद और पुलिस लाठीचार्ज की घटना के बाद गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे डेलिगेशन ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर घटना की जानकारी ली और पीड़ितों का हालचाल जाना।
प्रतिनिधि मंडल के गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और अपनी-अपनी बात नेताओं के सामने रखी। ग्रामीणों ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि प्रभात फेरी के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए थे। जिसके बाद पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया। आरोप है कि लाठीचार्ज में निर्दोष लोगों को भी निशाना बनाया गया। जिससे कई ग्रामीण घायल हो गए। ग्रामीणों के अनुसार जिस समय पुलिस ने लाठीचार्ज किया, उस समय तहसील स्तर के अधिकारी और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने के प्रयास नहीं किए गए। ग्रामीणों ने पुलिस पर अत्याचार करने के आरोप लगाए। कहा कि घटना के बाद भी उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। कई ग्रामीणों ने अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। प्रतिनिधि मंडल ने घटना में घायल हुए लोगों के घर जाकर उनका हालचाल जाना और उनके उपचार की जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल में भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश शाक्य, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, पूर्व विधायक कुशाग्र सागर, डीसीबी चेयरमैन रविंद्र पाल सिंह, जिला महामंत्री शारदाकांत शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
गांव के कुछ लोग बदायूं जाकर डीएम और एसएसपी से मिलें। घटना से जुड़ी पूरी जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी जाएगी। कहा कि जो अधिकारी कार्रवाई से बच गए हैं, उनके खिलाफ भी निष्पक्ष जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। कहा कि सरकार और भारतीय जनता पार्टी उनके साथ खड़ी है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान गांव में भाजपा कार्यकर्ताओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही। प्रतिनिधि मंडल के दौरे के बाद से ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जागी है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर कमी है। निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक होगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिकों और श्रद्धालुओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
