दिल्ली में बारिश, तो पहाड़ों पर बर्फ़बारी... श्रीनगर हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें रद्द, जानिए मौसम का हाल
दिल्ली। शुक्रवार की सुबह कई जगहों पर बारिश होने से, लंबे समय से जारी शुष्क सर्दियों का दौर आखिरकार खत्म हो गया और राष्ट्रीय राजधानी में इस साल की पहली बारिश दर्ज की गई। आंधी और तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने दिल्ली में उच्च प्रदूषण स्तर से कुछ समय के लिए राहत दिलाई। मौसम विभाग ने बताया कि मौसम में यह बदलाव इस साल के पहले तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह साढ़े आठ बजे तक सफदरजंग में 1.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पालम में भी 1.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, लोदी रोड पर 1.6 मिलीमीटर, रिज में 1.8 मिलीमीटर, आयानगर में 1.7 मिलीमीटर, जनकपुरी में 1.5 मिलीमीटर और मयूर विहार में 1.0 मिलीमीटर बारिश हुई। आईएमडी के दिन के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में सुबह से दोपहर से पहले तक एक या दो दौर की बारिश होगी और दोपहर और शाम के बीच एक बार फिर बहुत हल्की से हल्की बारिश का अनुमान है।
उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
आईएमडी ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव शुक्रवार को भी जारी रहेगा जिससे बारिश, बादल गरजने, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। आईएमडी ने कहा है कि दिल्ली, जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान कुछ घंटों के लिए बारिश से प्रभावित हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में रात भर मध्यम से भारी हिमपात जारी रहने के कारण शुक्रवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और मुख्य सड़कें अवरुद्ध हो गईं। जिला अधिकारियों के अनुसार निरंतर हिमपात के कारण बर्फ जमा होने और 'ब्लैक आइस' बनने से प्रमुख मार्ग सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं। सुरक्षा एहतियात के तौर पर कई हिस्सों को बंद कर दिया गया है।
बर्फबारी के कारण अटल सुरंग की ओर की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। कोकसर से रोहतांग दर्रा, दारचा से सरचू, ग्राम्फू-काजा मार्ग और शिंकुला की ओर जाने वाली सड़कें बंद कर दी गई हैं जबकि केवल वहीं सीमित आवाजाही की अनुमति दी जा रही है, जहाँ स्थिति अनुकूल है। केलांग, उदयपुर और काजा उपमंडलों सहित ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हिमपात हो रहा है, जिसके पूर्वानुमानों के अनुसार अभी जारी रहने की प्रबल संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें छिटपुट स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी हिमपात की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में बाधाएं और बढ़ सकती हैं तथा आवश्यक सेवाएं बाधित हो सकती है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक विशेष परामर्श जारी कर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने का आग्रह किया है।
लाहौल-स्पीति में हिमपात के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कें बंद
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सड़कों पर गहरी बर्फ और 'ब्लैक आइस' के कारण वाहन फंस सकते हैं। उन्होंने यात्रियों को गैर-जरूरी यात्राएं स्थगित करने और यातायात संबंधी परामर्शों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है। प्रशासन ने निवासियों से भारी बर्फबारी के दौरान घरों के भीतर रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देने की अपील की है। खराब मौसम के बने रहने की संभावना के चलते प्रशासन ने पूरे लाहौल-स्पीति में सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और तैयारियों को तेज कर दिया है।
शिमला में मौसम की पहली बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के शिमला में करीब तीन महीने बाद शुक्रवार को मौसम की पहली बर्फबारी हुई जिसके बाद पर्यटक खुश नजर आए। कई पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर बर्फबारी के वीडियो साझा किए और इसे ''सर्दियों का सबसे खुशनुमा स्थान'' बताया। कुछ लोग लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बर्फ का आनंद लेते नजर आए। कुछ लोगों ने 'एक्स' पर ताजा बर्फबारी के वीडियो साझा करते हुए पर्यटकों को सड़क पर धीमी गति से वाहन चलाने का सुझाव दिया।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मनाली के पास स्थित कोठी गांव में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसी प्रकार, लाहौल और स्पीति के गोंदला, कुकुमसेरी और हंसा गांवों में क्रमशः 12 सेंटीमीटर, 6.8 सेंटीमीटर और पांच सेंटीमीटर हिमपात हुआ।
शिमला जिले के जुब्बल में छह सेमी, मनाली में 4.8 सेमी, केलांग और कुफरी में चार-चार सेमी और शिमला में 0.6 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि राज्य के ऊंचे इलाकों में 24 जनवरी तक बर्फबारी जारी रहेगी, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस बीच, विभिन्न जिलों के जिला प्रशासन ने सड़कों से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली में साल की पहली बारिश, वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ
मौसम संबंधी चेतावनी को 'ऑरेंज' श्रेणी से घटाकर 'येलो' श्रेणी में कर दिया गया है। मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है। ये रंग और इनके संदेश.... ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत) हैं। बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है।
मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के कारण राजमार्गों और अन्य सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है इसलिए वाहन चलाते समय आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पालम हवाई अड्डे पर दृश्यता सुबह साढ़े छह बजे 2500 मीटर से घटकर 1000 मीटर रह गई। दृश्यता आगे और घटकर 800 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। इस बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बृहस्पतिवार को दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में समग्र वायु गुणवत्ता में सुधार का हवाला देते हुए चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के तीसरे चरण को रद्द कर दिया। हालांकि, पहले और दूसरे चरण के उपाय लागू रहेंगे।
पंजाब चंडीगढ़ में बारिश से बदला मौसम
पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम के अचानक बदलने से बीती रात से शुक्रवार सुबह तक तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने ठंड को और बढ़ा दिया। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। जालंधर में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तेज हवाएं चलती रहीं। ओलावृष्टि से फसलों को भी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश में भी बर्फबारी हो रही है पहाड़ी इलाकों में बर्फ जमने से सड़कें सफेद चादर में तब्दील हो गईं, वहीं खड़ी गाड़ियां भी बर्फ से ढक गईं।
ठंड में तेज़ इज़ाफा
बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड और अधिक बढ़ गई है तथा कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है। पंजाब के लुधियाना, अमृतसर सहित कई जिलों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान होशियारपुर में 3.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में भी सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार आज पूरे दिन मौसम खराब बना रहेगा। रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और बारिश की संभावना 78 प्रतिशत तक जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते जालंधर, अमृतसर और लुधियाना सहित आसपास के जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हिमपात के कारण श्रीनगर हवाई अड्डे पर सभी उड़ानें रद्द
खराब मौसम के कारण श्रीनगर हवाई अड्डे पर हवाई यातायात बंद होने के बाद शुक्रवार को कश्मीर आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गयीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने बताया, ''लगातार हिमपात, परिचालन क्षेत्रों में बर्फ के जमाव और मार्ग में प्रतिकूल मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के हित में श्रीनगर हवाई अड्डे पर सभी उड़ान संचालन आज के लिए रद्द कर दिए गए हैं।''
उन्होंने कहा कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम सूचना और रहने की व्यवस्था के लिए अपनी संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करें। कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में रात भर ताजा बर्फबारी हुई। श्रीनगर में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि मौसम की यह स्थिति शुक्रवार शाम तक जारी रहेगी।
राजस्थान कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश
राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित अनेक इलाकों में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को बारिश हुई। मौसम विभाग ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर वज्रपात तथा तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। सबसे अधिक 13.0 मिलीमीटर बारिश पुष्कर, अजमेर में दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हल्के से मध्यम कोहरा भी दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान जवाई बांध (पाली) में 29.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान जैसलमेर में 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से आज शुक्रवार को भी बीकानेर संभाग, शेखावाटी क्षेत्र, जयपुर, अजमेर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में भी आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्के से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान राज्य के पश्चिमी व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। राज्य के उत्तरी व पश्चिमी भागों में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 27-28 जनवरी को सक्रिय होगा।
