हरदोई : तलाक के सवाल पर बोलीं अपर्णा यादव- व्यक्तिगत मामले में सवालों से बचना लाजिमी

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Published By Deepak Mishra
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हरदोई।  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू एवं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने प्रतीक यादव के तलाक संबंधी पोस्ट पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला व्यक्तिगत है इसलिए ऐसे सवालों से बचना ही उचित है। 

एक निजी कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव से जब उनसे पूछा गया कि वह व्यक्तिगत सवालों से क्यों बच रही हैं, जबकि सोशल मीडिया पर यह मामला छाया हुआ है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया। अपर्णा यादव ने कहा, "आपने खुद ही कहा है कि सवाल व्यक्तिगत है, इसलिए मैं व्यक्तिगत सवालों से बच रही हूं।" 

माघ मेले में शंकराचार्य को लेकर चल रहे विवाद पर पूछे गए सवाल पर उन्होने कहा कि सनातन धर्म में चार शंकराचार्यों की व्यवस्था आदि गुरु शंकराचार्य ने स्थापित की है। ऐसे में यह एक तथ्यात्मक विषय है कि किसी व्यक्ति के पास शंकराचार्य की उपाधि है या नहीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह तथ्य उनके सामने उपलब्ध नहीं है। 

अपर्णा यादव ने कहा कि अगर किसी आयोजन या मेले के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था में कमी रही है, तो कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं है। भारत एक लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला देश है और कानून-व्यवस्था सबके लिए समान है।

उन्होंने कहा कि कुंभ या अन्य सनातन मेलों में बड़ी संख्या में आम जनता होती है, ऐसे में यदि अव्यवस्था होती है तो वह जांच का विषय है। इस मामले में छींटाकशी करना या मुख्यमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना गलत है। उन्होंने कहा " स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी स्वयं एक संत हैं और संतों को गुस्से जैसी बातों पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।"

 जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की वैधता पर सवाल उठाया है और क्या यह आस्था पर सवाल नहीं है, तो अपर्णा यादव ने कहा कि वह किसी की वैधता पर सवाल नहीं उठा रही हैं। सनातन धर्म में गुरु परंपरा और शंकराचार्य की जो व्यवस्था है, उसके बारे में जानकारी होना सभी के लिए आवश्यक है। यह कहना कि कोई वैध है या अवैध, उनका उद्देश्य नहीं है। 

अगर प्रशासन की रिपोर्ट सही है और नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो कोई भी व्यक्ति संविधान से ऊपर नहीं हो सकता। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होने कहा कि उनके पूज्य गुरुदेव और अन्य व्यवस्थित शंकराचार्यों की रथ यात्राएं हमेशा आदर और सम्मान के साथ संपन्न होती रही हैं और कभी ऐसी अव्यवस्था नहीं हुई। यदि इस मामले में कुछ गलत हुआ है, तो इसकी जांच होनी चाहिए कि कैसे और क्यों हुआ। 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को राष्ट्र नेता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संत न मानने वाली टिप्पणी पर अपर्णा यादव ने कहा कि इस तरह की बातें किसी के लिए नहीं करनी चाहिए। प्रशासन ने क्या किया, किस अधिकारी ने क्या भूमिका निभाई, यह सब जांच का विषय है। मुरादाबाद में हिंदू लड़की को बुर्का पहनाए जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अपर्णा यादव ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 

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