कानपुर : 5 बार आया आत्महत्या का विचार, 6वीं बार फंदा लगाकर युवक ने दी जान, परिजन बोले- ऊपरी बाधा से था परेशान

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। आत्महत्या का मन करता है, जीने की इच्छा नहीं है। पता नहीं मुझे क्या हो जाता है। करीब पांच बार मरने का इरादा बना चुका है। कई दिन पहले दोस्त को यह बातें बताईं। शनिवार सुबह बड़े भाई से भी कहा, कि बीमारी नहीं और कुछ हैं। भाई ने दिखाने को कहा, इसी बीच युवक ने तीसरी मंजिल पर जाकर फांसी लगा ली। दो माह पहले ही युवक की शादी हुई थी। शव फंदे से लटका देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।

रावतपुर के मसवानपुर निवासी स्व. संतोष कुशवाहा का 32 वर्षीय बेटा अभिजीत ड्राइवर था। परिवार में मां नीरज, तीन बड़े भाई महेश, टिन्नू व बोनी हैं। अभिजीत की दो माह पहले 18 नवंबर को चौबेपुर की रहने वाली आशा से शादी हुई थी। एक भाई पंचाज में एयरफोर्स में तैनात है, दूसरा बैंक में हैं। बोनी उसके साथ ही रहता है और वह भी पेशे से ड्राइवर है।

परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से अभिजीत की मानसिक हालत लगातार बिगड़ रही थी। कई बार बीपी लो हुआ। अस्पताल ले गए, लेकिन हालत में सुधार नहीं आया। घरवालों के अनुसार घर के सामने एक पेड़ हैं, जहा घंट बांधा जाता है। शादी के समय कंकन बंधा होने पर वह घर से बाहर चला गया था, उसके बाद से उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। दवाओं से लाभ न होने पर ऊपरी बाधा का संदेह हुआ।

अभिजीत ने भी बताया कि उसने पांच बार आत्महत्या का विचार किया हैं। शनिवार सुबह सोकर उठने पर उसने बड़े भाई से समस्या बताई तो उन्होंने कहा आज दिखाने चलेंगे। तैयार हो जाओ। भाई नहाने गया, इसी बीच व तीसरी मंजिल पर जाकर टिनसेड के नीचे फांसी लगा ली। घरवाले उसे तलाशते हुए तीसरी मंजिल पर गए तो शव फंदे से लटका देखा चींख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की और शव पोस्टमार्टम भेजा।

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