Bareilly : लखनऊ ले जाने के दौरान कार के आगे सड़क पर लेटे अलंकार समर्थक, बोनट पर चढ़कर नारेबाजी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से अभद्रता किए जाने और यूजीसी बिल के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देकर दो दिन से राज्य सरकार के विरुद्ध हल्ला बोलने वाले अलंकार अग्निहोत्री को बुधवार को दोपहर में लखनऊ ले जाने के दौरान एडीएम कंपाउंड से बाहर निकालते समय जमकर हंगामा हुआ। 

अलंकार अग्निहोत्री के समर्थक उन्हें बाहर ले जाने का विरोध करते हुए कार के आगे लेट गए। कई समर्थक कार के बोनट पर चढ़ गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गयी। नारेबाजी और भगदड़ की स्थिति के बीच समर्थकों और पुलिस कर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कोतवाली इंस्पेक्टर सड़क पर गिर गए। पुलिस ने समर्थकों को खदेड़ते हुए कारों से गेट से निकाला। समर्थक एक कार को घेरे रहे, उसी दौरान अफसरों ने सिटी मजिस्ट्रेट की कार को चौपुला रोड की तरफ निकाल दिया। इससे समर्थकों का आक्रोश और भड़क गया और सड़क पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क पर 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा।

प्रशासनिक अफसरों ने बुधवार दोपहर करीब 1 बजे निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को लखनऊ ले जाने की तैयारी शुरू की। उनके आवास पर 1.15 बजे कार मंगाई। फिर दो और कारें उनके आवास पर पहुंचीं। उस वक्त सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर एडीएम सिटी, एसपी सिटी मानुष पारिक, प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट रामजन्म यादव, एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, सीओ पंकज श्रीवास्तव, सीओ शुभम आशुतोष मौजूद थे। करीब आधे घंटे के बाद पौन दो बजे अलंकार को ले जाने के लिए सुरक्षा कर्मी मुस्तैद हुए। 

एडीएम कंपाउंड तक हलचल बढ़ी। गेट पर बड़ी संख्या में समर्थक अलंकार अग्निहोत्री के समर्थन और यूजीसी बिल वापस लेने को नारेबाजी कर रहे थे। करीब 1.46 बजे चाय-नाश्ता आवास पहुंचा। सभी अफसरों ने अलंकार के साथ आवास परिसर में बैठकर चाय पर चर्चा की। इस दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने दूर से सिर में गोली मारने का इशारा किया, फिर विक्ट्री साइन दिखाया। 2.15 बजे आवास से अलंकार को ले जाने के लिए पहली कार बाहर निकली। उसके बाद तीन अन्य कारें। एक मिनट में कार एडीएम कंपाउंड गेट पर पहुंच गयी।

इस दौरान पहले से नारेबाजी कर रहे समर्थकों ने अलंकार को बरेली से बाहर भेजने का विरोध शुरू किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गेट खोला गया। कार को रोकने के लिए समर्थक उसके आगे लेट गए। कुछ समर्थक बोनट पर चढ़ गए। इससे वहां भगदड़ मच गयी। पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए समर्थकों को हटाने की कोशिश की, लेकिन समर्थक और उग्र हो गए। पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गयी। समर्थकों ने कारों को चारों ओर से घेर लिया। सीओ समेत अन्य अफसरों ने देखा कि समर्थक एक कार को घेरे हैं, तभी जिस कार में अलंकार अग्निहोत्री बैठे थे, उस कार को चौपुला चौराहे की तरफ निकाल दिया। 

जैसे ही समर्थकों को मालूम हुआ तो वे पीछे काफी दूर तक दौड़े। इस दौरान सड़क पर पूरी तरह से ट्रैफिक जाम हाे गया, लेकिन कार नहीं रुकी। इसके बाद समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू करते हुए जाम लगा दिया। ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने में अफसरों ने करीब 15 मिनट लगे। वहीं, एडीएम सिटी सौरभ दुबे से अलंकार अग्निहोत्री को कहां ले जाने के बाबत जानकारी की गयी तब उन्होंने स्पष्ट कुछ नहीं बताया। कहा कि वे अपने दोस्तों के संग गए हुए हैं, अपने घर ही जाएंगे।

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