'नाराजगी' के बीच संसद भवन में खरगे और राहुल गांधी से मिले शशि थरूर, कहा- हम साथ-साथ हैं
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने नाराजगी की खबरों के बीच बृहस्पतिवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की तथा कहा कि सब कुछ ठीक है और सब एक साथ हैं। खरगे के संसद भवन स्थित कार्यालय में यह मुलाकात हुई। थरूर ने इस मुलाकात को बहुत अच्छी, सार्थक और सकारात्मक करार दिया।
कांग्रेस नेतृत्व ने केरल के अपने इस वरिष्ठ नेता की नाराजगी दूर करने का प्रयास ऐसे वक्त किया है, जब कुछ महीने बाद राज्य में विधानसभा चुनाव होना है, जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। केरल में इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव संभावित है। पार्टी 2016 से राज्य में विपक्ष की भूमिका में है।
कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात के बाद थरूर ने संवाददाताओं से कहा, ''अपनी पार्टी के दो नेताओं- नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) और कांग्रेस अध्यक्ष (खरगे)- के साथ बात की। हमारी बातचीत बहुत अच्छी, सार्थक, सकारात्मक रही। सब ठीक है और हम सब एक साथ हैं।'' यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुश हैं और अब चुनाव प्रचार करेंगे तो उन्होंने कहा, ''मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?''
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के बारे में पूछे जाने पर तिरुवनंपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा, ''नहीं, उस बारे में कभी बात नहीं हुई। मुझे किसी भी चीज के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। पहले से ही मैं सांसद हूं और मेरे ऊपर तिरुवनंतपुरम के अपने मतदाताओं का विश्वास है तथा मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है।''
बाद में थरूर ने 'एक्स' पर राहुल गांधी और खरगे के साथ एक तस्वीर साझा की और कहा, ''आज कई विषयों पर गर्मजोशी से चर्चा हुई और सार्थक चर्चा के लिए खरगे जी तथा राहुल गांधी जी का धन्यवाद। भारत के लोगों की सेवा के लिए हम सब एकसाथ हैं।''
थरूर पिछले कुछ समय से नाराज थे और इसके चलते बीते 23 जनवरी को केरल से संबंधित बैठक में शामिल नहीं हुए थे। थरूर के करीबी सूत्रों ने कहा था कि वह बैठक में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वह इस बात से ''आहत'' थे कि राहुल गांधी ने हाल में कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनके मौजूद होने के बावजूद उनके नाम का उल्लेख नहीं किया और राज्य के नेताओं द्वारा बार-बार उन्हें ''दरकिनार'' करने की कोशिश की जा रही है।
थरूर के बयानों और लेखों की हाल के दिनों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी आलोचना की थी। पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष और पहलगाम हमले के बाद राजनयिक संपर्क के प्रयासों को लेकर उनकी टिप्पणियों पर विवाद खड़ा हो गया था। उनकी टिप्पणियां कांग्रेस के रुख से भिन्न थीं और पार्टी के कई नेताओं ने उनके इरादों पर सवाल उठाते हुए उन पर कटाक्ष किया था। हालांकि, थरूर ने कहा है कि विदेश नीति पर रुख में कोई भिन्नता नहीं है।
