Moradabad: कचरा तो कहीं बारिश का पानी 24 घंटे बाद भी गड्ढों में भरे होने से लोग परेशान
मुरादाबाद, अमृत विचार। एक दिन की बारिश में महानगर में सफाई व्यवस्था बेपटरी हो जाती है। मंगलवार को बारिश के चलते सड़कों पर जगह-जगह कीचड़ पसरा तो टूटी नालियों का पानी भी सड़क पर बहने से लोगों को गंदगी के बीच गुजरना पड़ा। बुधवार को भी सड़कों पर गंदगी व कचरा जहां तहां पसरा रहा। निगम के कर्मचारियों ने सफाई पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। जिससे लोगों को परेशानी हुई।
एक तरफ नगर निगम प्रशासन स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर सफाई की पहल करता है। लेकिन ठंड में एक दिन की बारिश में व्यवस्था की कलई खुल जाती है। महानगर के पॉश कॉलोनियों में भी घंटे दो घंटे की बारिश भी सड़कों पर गंदगी व कचरा बिखरा देती है। नाली का पानी सड़क पर बहने लगता है। जिससे कचरा जहां तहां पसर जाता है। सड़कों के गड्ढों में पानी भरने से आवाजाही में असुविधा होती है। पैदल व दोपहिया वाहन से आने जाने वाले गंदगी व कीचड़ के बीच गुजरने को मजबूर रहे।
मंगलवार को हुई बारिश के चलते जहां तहां नाली का पानी सड़क पर बहने लगा। गड्ढों में पानी भरने से बुधवार को स्कूल जाते समय छात्र छात्राओं व अन्य राहगीरों को भी मुश्किल हुई। कई वाहनों की तेज गति ने सड़क के गड्ढों के गंदे पानी का छींटा दूसरों के शरीर पर डाल दिया। आशियाना फेज एक में सुबह इसके चलते दो लोगों में कहासुनी भी हुई।
लोग नगर निगम की सफाई व्यवस्था को कोसते हुए आगे बढ़े। वहीं स्कूली वाहन भी गड्ढे में हिचकोले खाते हुए गए। रामगंगा विहार, बुद्धि विहार में भी टूटी सड़कें और नाली का कचरा लोगों के लिए परेशानी बना। हालांकि नगर निगम प्रशासन क्लीन मुरादाबाद, ग्रीन मुरादाबाद की संकल्पना को साकार करने के लिए तत्पर रहने की बात करता है लेकिन एक दिन में ही सफाई व्यवस्था की हकीकत नागरिकों के सामने दिख जाती है।
