Bareilly : सर्दी संग रैन बसेरों में बढ़े यात्री, अलाव न जलने से लोग परेशान
बारिश के बाद ठंड ने बढ़ाई रैन बसेरों की जरूरत, बेड कम पड़े
बरेली, अमृत विचार। दो दिन पूर्व हुई बारिश के बाद सर्दी का असर साफ दिखाई देने लगा है। तापमान गिरते ही शहर के रैन बसेरों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन इस बढ़ी जरूरत के बीच नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दिया। मौसम का तापमान चढ़ने के साथ बंद हुए अलाव ठंड बढ़ने पर भी ठंडे ही नजर आए।

नगर निगम की ओर से शहर में 7 स्थायी और 4 अस्थायी रैन बसेरे संचालित होने का दावा किया जा रहा है। सैटेलाइट बस अड्डे के समीप स्थित रैन बसेरे में बीते दो दिनों में करीब 30 यात्रियों ने रात गुजारी, जबकि नगर निगम कार्यालय के पास बने रैन बसेरे में 28 यात्री पहुंचे। नगर निगम के समीप स्थित रैन बसेरे में रिकॉर्ड में 36 बेड दर्शाए गए हैं, लेकिन मौके पर मात्र 14 बेड की ही व्यवस्था मिली। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर केयरटेकर उन्हें अन्य रैन बसेरों में जाने की सलाह दे देता है, जिससे खासकर ठंड की रातों में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पुराने रोडवेज बस अड्डे पर बने रैन बसेरे में भी दो दिनों में 27 यात्री पहुंचे। रैन बसेरों में ठहरे यात्रियों का कहना है कि ठंड के मौसम में अलाव की व्यवस्था बेहद जरूरी है। तलाश करने के बावजूद भी कहीं भी जलते हुए अलाव नजर नहीं आए।
