धर्मांतरण-यौन शोषण मामला: होम्योपैथिक डाॅक्टर जाहिद ने पढ़ाया निकाह, शारिक बना था गवाह... आरोपी बोला हिंदू लड़कियों को फंसाकर ब्रेनवॉश करता था रमीज

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : केजीएमयू की जूनियर रेजिडेंट से यौन शोषण, गर्भपात और धर्मांतरण मामले में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के निकाहनामा में गवाह बने शारिक खान को चौक पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पूछताछ में सामने आया कि आगरा की महिला डॉक्टर से निकाह में रमीज ने अपने होम्योपैथिक डॉक्टर दोस्त जाहिद हसन राणा को काजी बनाया था। आरोपी शारिक ने निकाह और धर्मांतरण से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज बनवाए थे। इस बयान के बाद पुलिस दर्ज मामले में फर्जीवाड़े की धारा भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। वहीं, पुलिस अब जाहिद की तलाश में दबिशें दे रही है।

इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शारिक खान मूल रूप से पीलीभीत के न्योरिया का रहने वाला है। शारिक के पिता अजहर खान और रमीजुद्दीन के पिता सलीमुद्दीन दोनों दोस्त हैं। इस कारण शारिक और रमीज में भी दाेस्ती है। शारिक काफी समय रमीज के साथ उत्तराखंड के खटीमा स्थित उसके घर पर भी रहा है। आरोपी रमीज जब आगरा की महिला डॉक्टर को पीलीभीत लेकर गया था। वहां निकाह के जाली और मतांतरण से संबंधित कई दस्तावेज शारिक ने बनवाए थे। यही नहीं निकाहनामा में गवाह बनकर हस्ताक्षर भी शारिक ने ही किए थे।

चौक पुलिस ने 5 जनवरी को पुलिस ने सलीमुद्दीन और खतीजा को भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद 9 जनवरी को 50 हजार के इनामी रमीज गिरफ्तार हुआ था। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी शारिक के बयान और जांच में सामने आया कि निकाह पीलीभीत के सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फीलखाना निवासी काजी जाहिद हसन राणा ने पढ़ा था। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी शारिक को पकड़ा था।

इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शारिक ने अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया था। वह विदेश भागने की फिराक में था। पूछताछ में शारिक ने बताया कि रमीज हिंदू लड़कियों को टारगेट करता था। उनका ब्रेन वॉश करता था। उन्हें हिंदू धर्म की कमियां बताकर गुमराह करता था। प्यार के जाल में फंसाकर मतांतरण, यौन शोषण कर ब्लैकमेल करता था।

फरारी के दौरान रमीज को दिलायी थी तीन प्रांतों में शरण

केजीएमयू की पैथॉलोजी विभाग की महिला डॉक्टर ने रमीज के खिलाफ 23 दिसंबर को चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करायी थी। रमीज यहां से भागकर खटीमा, देवबंद, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों, दिल्ली में रहा था। पुलिस की पूछताछ में शारिक ने बताया कि उसने रमीज को रुकवाने के लिए इन स्थानों पर मदद भी की थी। एक अलग नंबर लेकर वह रमीज से बात करता था।

 

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