मौसम ने बदली चाल... बाराबंकी में घने कोहरे संग लौटी गलन भरी सर्दी, अलाव-हीटर का सहारा ले रहे लोग
बाराबंकी, अमृत विचार। सामान्य हो रहे मौसम ने फिर करवट ली और गलन व ठिठुरन भरी सर्दी ने जोरदार दस्तक दी है। शनिवार सुबह घने कोहरे ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक दृश्यता को खासा प्रभावित किया। सूर्य की तपिश काफी कम हुई, जिससे पूरे दिन ठंडक के कड़े तेवर बने रहे। मौसम के इस बदलाव को लेकर लोगों के कान खड़े हो गए हैं। एक ओर ट्रेनों की लेटलतीफी बढ़ी तो कोहरे का असर गेहूं छोड़ अन्य फसलों विपरीत ही माना जा रहा।
शनिवार को बाराबंकी में अधिकतम तापमान 19 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। शुक्रवार शाम से चली हवाओं ने माहौल को सर्द कर दिया, रात घिरने तक चहल पहल न के बराबर रही। वहीं शनिवार की सुबह लोगों का जगने पर घने कोहरे से सामना हुआ। कोहरे के साथ ही गलन व ठिठुरन ने लोगों को अलाव, हीटर आदि का सहारा लेने को विवश कर दिया। कड़ाके की सर्दी के बीच गर्म कपड़ों से लद नन्हे मुन्ने बच्चे मन मसोस कर स्कूल गए।
दोपहर होने तक धूप निकली पर आसमान पर छाए कोहरे ने सूर्य की तपिश को जमीन तक पहुंचने नहीं दिया। शहर के मुख्य तिराहों व चौराहों पर फिर अलाव की जरूरत महसूस की गई। कोहरे का आलम यह रहा कि जिला मुख्यालय ही नहीं ग्रामीण इलाकों को जाने वाले मार्गाें पर कोहरे की घनी चादर बिछी रही।
हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई तो तय समय पर पहुंचने की कोशिश बेकार गई और यात्रियों को फिर ट्रेनों की लेटलतीफी का सामना करना पड़ा। मौसम के इस उतार चढ़ाव को लेकर आमजन में काफी चर्चा रही। जानकारों की माने तो आने वाले कुछ दिनों तक सर्दी के तेवर ऐसे ही रहेंगे। इस बदलाव से सबसे ज्यादा किसान चिंतित है, कोहरे का असर आलू, गेहूं पर तो नहीं लेकिन अन्य फसलों पर पड़ता दिख रहा है। बारिश होने की दशा में किसान की मेहनत चौपट होने के आसार हैं।
