BUDGET Live: 'कैंसर समेत 7 गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती', दिव्यांगजन, किसान और टेक्नोलॉजी पर बड़े ऐलान
नई दिल्लीः 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर रही हैं। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाता है। पहली बार बजट रविवार को पेश हो रहा है, और वैश्विक चुनौतियों (जैसे अमेरिकी टैरिफ) के बीच यह बजट भारत की मजबूत विकास गति, रोजगार सृजन और फिस्कल अनुशासन पर केंद्रित रह सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए 'विकसित भारत' के संकल्प को दोहराया और कई गेम-चेंजर घोषणाएं कीं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत मजबूती से आगे बढ़ने का संदेश देते हुए उन्होंने अर्थव्यवस्था को तेज करने, मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देने और आम आदमी की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने, छोटे करदाताओं को राहत देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर खास फोकस किया। मिडिल क्लास, निवेशकों और राज्यों के लिए कई सकारात्मक ऐलान आए हैं।
बजट 2026: छोटे करदाताओं के लिए TDS/TCS में राहत
- लोअर या निल डिडक्शन सर्टिफिकेट अब आसान होगा।
छोटे करदाताओं के लिए एक नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें अब असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिस्टम खुद ही सर्टिफिकेट जारी करेगा।
- फॉर्म 15G/15H की प्रक्रिया आसान।
कई कंपनियों के शेयर रखने वाले निवेशकों की सुविधा के लिए डिपॉजिटरीज को फॉर्म 15G/15H स्वीकार करने और सीधे कंपनियों को भेजने की अनुमति दी जाएगी।
बजट 2026: विदेशी टूर पैकेज पर TCS दर घटी
विदेशी टूर प्रोग्राम पैकेज पर TCS की दर अब 5% और 20% से घटाकर बिना किसी सीमा के 2% कर दी गई है।
- LRS के तहत शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS
उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) में शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए TCS दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
बजट 2026: राज्यों को केंद्र का टैक्स हिस्सा बरकरार
- 16वें वित्त आयोग की सिफारिश स्वीकार करते हुए राज्यों को केंद्रीय करों में 41% हिस्सा जारी रहेगा।
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है।
बजट 2026: वित्तीय बाजारों और बैंकिंग में सुधार
- विकसित भारत बैंकिंग समिति का गठन – बैंकिंग सेक्टर की व्यापक समीक्षा के लिए हाई-लेवल कमेटी बनेगी।
- पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम का पुनर्गठन – सार्वजनिक क्षेत्र NBFC की क्षमता और दक्षता बढ़ाने के लिए।
- म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा – 1,000 करोड़ से ज्यादा के बॉन्ड इश्यू के लिए 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि, ताकि बड़े शहर हाई-वैल्यू म्युनिसिपल बॉन्ड जारी कर सकें।
बजट 2026: पर्यटन और पर्यावरण पर फोकस
- टिकाऊ माउंटेन ट्रेल्स विकसित होंगे – हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी घाट की अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में।
- कछुआ ट्रेल्स – ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख घोंसला बनाने वाले स्थलों के पास।
बजट 2026: राजकोषीय अनुशासन मजबूत
- राजकोषीय घाटा 2026-27 में 4.3% रहने का अनुमान (चालू वर्ष में 4.4% था)।
- कर्ज-जीडीपी अनुपात 2026-27 में 55.6% रहने का लक्ष्य (चालू वर्ष में 56.1% था)।
बजट 2026: दिव्यांगजन के लिए विशेष फोकस
- दिव्यांगजन कौशल योजना का ऐलान – प्रत्येक दिव्यांग समूह को उद्योग-अनुकूल और विशिष्ट ट्रेनिंग देकर सम्मानजनक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने का लक्ष्य।
- दिव्यांग सहारा योजना – आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एल्मिको) को सहायक उपकरणों के उत्पादन, R&D और AI एकीकरण में मदद।
बजट 2026: नारियल, काजू और कोको किसानों को बड़ी सौगात
- नारियल प्रोत्साहन योजना – उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए अनुत्पादक पेड़ों की जगह नई किस्मों के पौधे लगाना, प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में हस्तक्षेप।
- काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम – कच्चे काजू और नारियल के प्रसंस्करण में आत्मनिर्भरता, निर्यात बढ़ावा और 2030 तक 'भारतीय काजू' व 'भारतीय कोको' को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य।
बजट 2026: स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूत कदम
- 3 नए AIIMS की स्थापना।
- आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण लैब्स का उन्नयन, ज्यादा कुशल मैनपावर उपलब्ध कराना।
- जामनगर स्थित WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का अपग्रेड।
- एम्स जैसे 3 नए आयुर्वेदिक हॉस्पिटल।
- पशु चिकित्सा में सब्सिडी और पशु डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने पर फोकस।
- मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के लिए 5 क्षेत्रीय हब, 50% जिला अस्पतालों में इमरजेंसी-ट्रॉमा सेंटर।
- 5 पूर्वोत्तर राज्यों में 5 नए पर्यटन स्थल और मंदिर-मठों का संरक्षण।
बजट 2026: AI, एग्री-टेक और क्रिएटिव इंडस्ट्री को बूस्ट
- भारत विस्तार AI एग्री टूल – किसानों के लिए AI आधारित कृषि सहायता टूल।
- AVGC (एनिमेशन, VFX, गेमिंग, कॉमिक्स) क्षेत्र के लिए मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को सहयोग – 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च – तकनीक विकास, कुशल वर्कफोर्स और इंडस्ट्री-लीड R&D सेंटर्स पर फोकस।
- उच्च गुणवत्ता वाले खेल उपकरणों के विनिर्माण और R&D के लिए समर्पित पहल।
शिक्षा-रोजगार-उद्यमिता पर हाई-पावर कमेटी
शिक्षा से रोजगार और उद्यम- स्थायी समिति का गठन – सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का मुख्य चालक बनाने, 2047 तक वैश्विक हिस्सेदारी 10% तक पहुंचाने, AI जैसे उभरती टेक्नोलॉजीज के प्रभाव का आकलन।
MSME और निवेश को आसान बनाया
- 10 हजार करोड़ रुपये की समर्पित SME विकास निधि।
- आत्मनिर्भर भारत कोष में अतिरिक्त 2,000 करोड़।
- TReDS प्लेटफॉर्म से MSME को 7 लाख करोड़+ की फंडिंग उपलब्धता।
- PROI (भारत के बाहर रहने वाले भारतीय निवासी) को PIS के तहत इक्विटी में निवेश की अनुमति, सीमा 5% से बढ़ाकर 10%।
इंफ्रा और पर्यावरण पर जोर
- कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन एंड स्टोरेज (CCUS) के लिए अगले 5 साल में 20,000 करोड़ रुपये।
- दानकुनी से सूरत तक नया समर्पित फ्रेट कॉरिडोर।
- 20 नए जलमार्ग चालू करने की शुरुआत ओडिशा के राष्ट्रीय जलमार्ग-5 से।
- वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत इकोसिस्टम।
- 5 लाख+ आबादी वाले टियर-2/3 शहरों में इंफ्रा विकास जारी, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये।
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मेगा टेक्सटाइल पार्क और खादी-हथकरघा को नई ताकत
वित्त मंत्री ने 'चैलेंज मोड' में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल शुरू करने का ऐलान किया, जिससे खादी और हथकरघा को मजबूत बढ़ावा मिलेगा।
7 हाई-स्पीड ट्रेनों का कॉरिडोर
देश में 7 हाई-स्पीड ट्रेनें चलेंगी। ये कॉरिडोर हैं:
- पुणे-मुंबई
- पुणे-हैदराबाद
- हैदराबाद-बेंगलुरु
- हैदराबाद-चेन्नई
- चेन्नई-बेंगलुरु
- दिल्ली-वाराणसी
- वाराणसी-सिलिगुड़ी
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रेयर-अर्थ कॉरिडोर का बड़ा प्लान
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में समर्पित 'रेयर-अर्थ कॉरिडोर' स्थापित करने में सहायता दी जाएगी। ये कॉरिडोर दुर्लभ खनिजों और स्थायी चुम्बकों के लिए महत्वपूर्ण होंगे। केरल और तमिलनाडु में 2 हाईटेक टूल रूम भी बनेंगे।
खेलकूद के सामान सस्ते, गांवों के लिए बड़ी स्कीम
खेल सामग्री पर टैक्स राहत से सस्ते होंगे। गांवों में 'महात्मा गांधी स्वरोजगार' स्कीम और MSME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड। इससे खिलाड़ियों को मदद मिलेगी और बच्चों में खेलकूद का रुझान बढ़ेगा।
मैन्युफैक्चरिंग और पुराने सेक्टरों का कायाकल्प
7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, MSME को 'चैंपियन' बनाना, इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी, दीर्घकालिक सुरक्षा और शहरी आर्थिक क्षेत्रों का विकास। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को मजबूत किया जाएगा। ECMS में परिव्यय 40 हजार करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव।
वैश्विक चुनौतियों में 'विकसित भारत' का संकल्प
वित्त मंत्री ने कहा कि व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और संसाधनों में बाधाओं के बावजूद भारत आत्मविश्वास से आगे बढ़ेगा। निर्यात बढ़ाना, स्थिर निवेश आकर्षित करना और समावेशी विकास पर फोकस रहेगा।
-तीन प्रमुख कर्तव्य
1. अस्थिर वैश्विक माहौल में आर्थिक विकास की रफ्तार बनाए रखना।
2. आम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उन्हें समृद्धि में साझेदार बनाना।
3. हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र तक संसाधन, सुविधा और अवसर पहुंचाना।
गरीबी हटाने का संकल्प
भाषण की शुरुआत संत रविदास के नाम से करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 साल में गरीबी हटाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। नई तकनीकें और सचेत निर्णयों से अर्थव्यवस्था स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन और मध्यम मुद्रास्फीति के साथ आगे बढ़ रही है।
बजट भाषण अभी जारी है। 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' की रफ्तार, मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर देकर वित्त मंत्री ने साफ संदेश दिया है – भारत चुनौतियों के बीच भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।
https://twitter.com/AmitShah/status/2017833312337989813?s=20
मिडिल क्लास का रखा जाएगा ध्यान- संजय जायसवाल
BJP सांसद संजय जायसवाल ने कहा "यह बजट भी पिछले बजटों की तरह होगा – जिसमें हम मिडिल क्लास का पूरा ध्यान रखेंगे। यूपीए को बताना चाहिए कि उन्होंने अपने 10 साल में क्या किया था, जबकि एनडीए ने पिछले 11 साल में क्या-क्या उपलब्धियां हासिल की हैं।"
यह चुनावी बजट नहीं होना चाहिए- प्रियंका चतुर्वेदी
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा "मैं वित्त मंत्री को बधाई देना चाहती हूं। देश की अर्थव्यवस्था की कमान उनके हाथ में है। मेरी बस इतनी ही उम्मीद है कि यह बजट सिर्फ चुनावी बजट या किसी चुनाव से प्रभावित बजट न बन जाए। उन्हें पूरे देश की देखभाल करनी है, सिर्फ किसी एक वर्ग या राज्य की नहीं।"
बजट 2026 से 'कोई ज्यादा उम्मीद नहीं': प्रियंका गांधी और रामगोपाल यादव का एकसमान बयान
संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने से ठीक पहले विपक्ष की तरफ से निराशा का माहौल साफ दिख रहा है। कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद जाते वक्त मीडिया से कहा "हमें बजट से कोई ज्यादा उम्मीद नहीं है। "उनका यह बयान मोदी सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर सीधा हमला माना जा रहा है। प्रियंका ने आगे कहा कि पिछले बजटों में भी बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन आम आदमी, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को राहत नहीं मिली। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता के मुद्दों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है।
इसी तरह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद रामगोपाल यादव ने भी लगभग यही रुख अपनाया। उन्होंने कहा "मुझे भी बजट से कोई आशा नहीं है। "रामगोपाल यादव ने कहा कि बजट सिर्फ घोषणाओं और आंकड़ों का खेल बनकर रह जाता है, जबकि असल में गरीब, किसान और मजदूर वर्ग की स्थिति और खराब हो रही है। उनका इशारा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी की ओर था।
मोदी कैबिनेट की शुरू हुई बैठक
संसद भवन में अभी-अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। इस अहम बैठक का एकमात्र एजेंडा है – केंद्रीय बजट 2026-27 को अंतिम मंजूरी देना।
मंत्री शेखावत का 'विकसित भारत' का भरोसा
केंद्रीय मंत्री और जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा"भरोसा रखिए। सरकार पिछले 11 साल से जिस टारगेट के लिए काम कर रही है, वह भारत को विकसित बनाना है। 2014 से अब तक के सभी बजट इसी लक्ष्य की तरफ एक-एक कदम रहे हैं। आज पेश होने वाला यह बजट भी भारत को विकसित बनाने की दिशा में एक और मजबूत स्टेप होगा। "शेखावत का यह बयान मोदी सरकार की 'विकसित भारत@2047' वाली लंबी अवधि की विजन पर केंद्रित है। उनका इशारा इंफ्रास्ट्रक्चर, आत्मनिर्भरता, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों की निरंतरता की ओर है।
अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लगभग उसी समय काउंटर अटैक किया। उन्होंने कहा "जिस सरकार से हमारी कोई आशा ही नहीं है, उसकी तरफ से पेश किए जा रहे बजट से हम क्या उम्मीद करें? पिछले कुछ बजटों में हमने देखा है कि वे सिर्फ 5 प्रतिशत लोगों के लिए थे। सरकार को पहले यह आकलन करना चाहिए कि क्या उसने अपने सभी वादे पूरे कर लिए हैं।
"अखिलेश का निशाना अमीर-गरीब की बढ़ती खाई, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों-मजदूरों की अनदेखी पर है। उनका कहना है कि बजट आम आदमी के बजाय कॉरपोरेट और चुनिंदा वर्ग के हितों को प्राथमिकता देता रहा है।
यह एक ऐतिहासिक बजट होने वाला है- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा "यह एक ऐतिहासिक बजट होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रिफॉर्म एक्सप्रेस विकसित भारत की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। पिछले 11 सालों के सभी कदम इसी लक्ष्य की ओर थे, और आज का बजट उस यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।"
कैबिनेट बैठक शुरू होने वाली है
संसद भवन में मोदी कैबिनेट की बैठक अभी शुरू होने वाली है। इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट दस्तावेज को अंतिम मंजूरी दिलाएंगी। कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही बजट की गोपनीयता खत्म हो जाएगी और ठीक सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट पेश किया जाएगा।
यह पहली बार है जब बजट रविवार को पेश हो रहा है, और निर्मला सीतारमण का यह नौवां होगा बजट
जनवरी 2026 में GST कलेक्शन में जबरदस्त उछाल: 1.93 लाख करोड़ रुपये, 6.2% की मजबूत बढ़ोतरी!
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2026 में GST कलेक्शन 1 लाख 93 हजार 384 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा पिछले साल जनवरी (2025) की तुलना में 6.2 प्रतिशत की ठोस वृद्धि दर्शाता है।यह लगातार मजबूत प्रदर्शन का संकेत है, क्योंकि:
यह आंकड़ा बजट 2026-27 पेश होने से ठीक पहले आया है। सरकारी खजाने में लगातार बढ़ोतरी से फिस्कल डिसिप्लिन और विकास योजनाओं के लिए ज्यादा संसाधन उपलब्ध होने की उम्मीद बढ़ती है। 6.2% की यह ग्रोथ पिछले कई महीनों के ट्रेंड के अनुरूप है, जहां GST संग्रह औसतन 10-15% सालाना बढ़ रहा था, लेकिन हाल के महीनों में 6-8% की रेंज में स्थिर हो गया है।
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प्रमोद तिवारी का बजट पर तीखा सवाल: क्या ये सिर्फ BJP राज्यों का बजट होगा?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर जमकर सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा "निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या इस बार भी आम आदमी, छोटे-मध्यम उद्योगों (MSME) और किसानों को कोई राहत मिलेगी? क्या आयकर स्लैब में कोई बदलाव होगा या फिर मध्यम वर्ग को फिर निराश होना पड़ेगा?
आज देश की आर्थिक हालत बहुत चिंताजनक है। निवेशक भारत की ओर रुख नहीं कर रहे हैं, अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत दिख रहे हैं। ऐसे में क्या यह बजट पूरे देश के लिए होगा या फिर सिर्फ भाजपा शासित राज्यों को फायदा पहुंचाने वाला पैकेज बनकर रह जाएगा?"
निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी बजट की लाल कॉपी
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने से ठीक पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें बजट दस्तावेज की पारंपरिक लाल टैबलेट कॉपी सौंप दी। यह भारतीय बजट प्रक्रिया की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण रस्मों में से एक है।मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने वित्त मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत हुई। राष्ट्रपति भवन में यह औपचारिक समारोह पूरा होने के बाद निर्मला सीतारमण सीधे संसद भवन के लिए रवाना हुईं।
तेलंगाना BJP प्रमुख का उत्साह: "देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है..."
तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा:"पूरे देश की नजरें आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हैं। लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि इस बार का बजट क्या नई दिशा देगा। मुझे पूरा यकीन है कि यह बजट विकास के मजबूत तत्वों से भरा होगा और आम जनता की अपेक्षाओं को न सिर्फ पूरा करेगा, बल्कि उनसे आगे भी जाएगा।"
शशि थरूर का सटीक सवाल: "ग्रोथ अच्छी है, लेकिन रोजगार कहाँ है?"
कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर एक बहुत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सवाल उठाया है। उन्होंने कहा "हम सभी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आर्थिक सर्वे में अच्छी आर्थिक वृद्धि (ग्रोथ) का अनुमान लगाया गया है, जो सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है। लेकिन असली सवाल ये है – क्या इस बढ़ोतरी के साथ-साथ रोजगार भी पैदा होंगे?बिना रोजगार सृजन के विकास (डेवलपमेंट) किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होता। अगर अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, लेकिन नौकरियां नहीं बढ़ रही हैं, तो आम आदमी तक उस विकास का लाभ कैसे पहुंचेगा?"
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खरगे का सवाल-जवाब वाला हमला
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा "भारतीय अर्थव्यवस्था आज गहरे संकट में है। क्या मोदी सरकार इस बजट में देश को इस संकट से उबारने के लिए कोई ठोस और वास्तविक समाधान पेश करेगी? मोदी सरकार अब 'विरासत' का बहाना बनाकर नहीं बच सकती। क्या यह बजट उन सभी आर्थिक संकेतकों के लिए सच्चा समाधान लाएगा, जो इस वक्त तेजी से गिर रहे हैं?" खरगे का यह बयान बजट से पहले विपक्ष की प्रमुख चिंताओं को रेखांकित करता है – बेरोजगारी, निवेश में कमी, गिरती खपत और आर्थिक मंदी के संकेत।
दिल्ली CM का भरोसा: 'विकसित दिल्ली' को मिलेगी रफ्तार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा:"केंद्रीय बजट का दिल्ली की विकास योजनाओं पर बहुत सकारात्मक असर पड़ेगा। इससे दिल्ली के विकास को नई गति मिलेगी। यह बजट 'विकसित दिल्ली' के हमारे लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
पंकज चौधरी का फोकस: विकसित भारत@2047 पर रहेगा जोर
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बजट की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा"इस बजट में मुख्य फोकस विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर रहेगा। हम विकास के रोडमैप को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।"पंकज चौधरी अपने घर से वित्त मंत्रालय के लिए रवाना हो चुके हैं। थोड़ी देर में बजट की कॉपी राष्ट्रपति को सौंपी जाएगी, उसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और फिर सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया जाएगा।
बजट से पहले की प्रमुख उम्मीदें और फोकस एरिया
- मध्यम वर्ग को टैक्स राहत: पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम में ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं था। इस बार स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने, स्लैब में बदलाव या मिडिल क्लास के लिए और छूट की संभावना मजबूत है।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: हेल्थ सेक्टर में मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी और इंफ्रा पर कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ सकता है। रेलवे, डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़े ऐलान की आस।
- किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट में और बढ़ोतरी, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का विस्तार, मखाना/कपास उत्पादकता पर फोकस। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी स्कीम्स को मजबूत बनाने की उम्मीद।
- रोजगार और युवा सशक्तिकरण: गिग वर्कर्स, महिला उद्यमियों (खासकर SC/ST) के लिए लोन स्कीम्स, MSME क्रेडिट बढ़ावा और स्किलिंग पर ज्यादा फंडिंग। एमएसएमई लोन गारंटी को और आकर्षक बनाया जा सकता है।
- मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बूस्ट: मेक इन इंडिया, चमड़ा-फुटवियर, हस्तशिल्प, खिलौने, पोत निर्माण, लिथियम-आयन बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल सेक्टर में निर्यात प्रोत्साहन। पिछले बजट की छूटों का विस्तार संभव।
- रिसर्च, इनोवेशन और ग्रीन एनर्जी: प्राइवेट R&D के लिए फंडिंग बढ़ सकती है। EV बैटरी प्रोडक्शन और असाधारण बीमारियों की दवाओं पर छूट जारी रह सकती है।
- राज्यों को विशेष पैकेज: बिहार जैसे राज्यों के लिए एयरपोर्ट, मखाना बोर्ड जैसी स्कीम्स का विस्तार।
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आर्थिक सर्वे और फिस्कल टारगेट की झलक
आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार FY26 में रियल GDP ग्रोथ 7.4% अनुमानित है, जबकि FY27 के लिए 6.8-7.2% की रेंज। राजकोषीय घाटा FY26 में 4.4% GDP पर लक्ष्यित है, और FY27 में इसे और कम (शायद 4.2% के आसपास) करने की उम्मीद। कुल बजट साइज ₹54 लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान, जिसमें कैपेक्स पर फोकस जारी रहेगा।
वित्त मंत्री ने अनिश्चितता के दौर में उद्यमशील नीतियों की जरूरत पर जोर दिया है—भारत को रिस्क से बचने की बजाय तैयार रहने वाला देश बनना है। यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि 'विकसित भारत' की दिशा में एक मजबूत कदम होगा।
