शेयर बाजार : वायदा सौदों पर एसटीटी बढ़ाने का प्रस्ताव बाजार को नहीं आया रास, सेंसेक्स 1,547 अंक लुढ़का, निफ्टी 495 अंक टूटकर हुआ बंद

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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मुंबई। वायदा सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने का बजट में प्रस्ताव रखे जाने के बाद रविवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,547 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 495 अंक टूटकर बंद हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण में वायदा एवं विकल्प खंड में एसटीटी को बढ़ाने का ऐलान बाजार को पसंद नहीं आया और यह बहुत तेजी से नीचे चला गया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गंवाते हुए दोपहर के कारोबार में 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 80,000 अंक के अहम स्तर से भी नीचे फिसलकर 79,899.42 अंक पर आ गया था। हालांकि, बाद में सेंसेक्स थोड़े सुधार के साथ 1,546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,722.94 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मानक सूचकांक निफ्टी भी 495.20 अंक यानी 1.96 प्रतिशत गिरकर 24,825.45 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान एक समय यह 748.9 अंक यानी 2.95 प्रतिशत लुढ़ककर 24,571.75 अंक के निचले स्तर तक चला गया। इस बड़ी गिरावट के लिए बजट भाषण में वायदा कारोबार पर एसटीटी की दर 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने की घोषणा को जिम्मेदार माना गया। अगले वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट पेश किए जाने के कारण रविवार होने के बावजूद शेयर बाजारों में सामान्य कारोबार हुआ।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) कारोबार पर एसटीटी में की गई वृद्धि रही। एक्सिस सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रणव हरिदासन ने कहा, ''एफ एंड ओ पर एसटीटी में विशेष रूप से वायदा पर तेज बढ़ोतरी ने बाजार प्रतिभागियों की कुल लेनदेन लागत बढ़ा दी है। इससे तरलता, भागीदारी और भारतीय बाजार की लागत प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ने की आशंका को लेकर विदेशी और घरेलू निवेशकों में चिंता फैल गई जो बाजार की त्वरित प्रतिक्रिया में नजर आई।''

सेंसेक्स की कंपनियों में से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर में सर्वाधिक 5.61 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि अदाणी पोर्ट्स में 5.53 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, सन फार्मा और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। विश्लेषकों ने आगाह किया कि एसटीटी में बढ़ोतरी से निकट अवधि में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की धारणा पर असर पड़ सकता है।

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के तकनीकी शोध विश्लेषक आकाश शाह ने कहा, ''वायदा और विकल्प पर बढ़ा हुआ एसटीटी खासकर बहुत तेज गति वाले और डेरिवेटिव-केंद्रित वैश्विक कोषों के लिए नकारात्मक संकेत हो सकता है।'' शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 2,251.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धीरज रेल्ली ने कहा, ''एसटीटी में प्रस्तावित बढ़ोतरी अल्पावधि में पूंजी बाजार से जुड़ी इकाइयों के लिए दबाव बना सकती है, हालांकि दीर्घावधि में इसके सकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।''

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''बजट में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों तथा वैश्विक व्यापार शुल्क से प्रभावित क्षेत्रों को समर्थन दिया गया है, लेकिन वायदा कारोबार पर एसटीटी बढ़ाए जाने से बाजार में तत्काल नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।'' एशिया और यूरोप के बाजार रविवार को अवकाश के कारण बंद रहे, जबकि अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। इससे पहले शुक्रवार को सेंसेक्स 296.59 अंक गिरकर 82,269.78 अंक और निफ्टी 98.25 अंक की गिरावट के साथ 25,320.65 अंक पर बंद हुआ था।

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