यूपी को केंद्र से मिलेंगे 4.18 लाख करोड़ की सहायता, बोले पंकज चौधरी- बजट में इंफ्रा, हाई-स्पीड रेल और रक्षा पर ऐतिहासिक निवेश

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि आम बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-2047’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दूरदर्शी विजन डॉक्यूमेंट है। उन्होंने कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन और केंद्रीय सहायता के माध्यम से उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन मिलेगा। यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को साकार करते हुए देश और प्रदेश को तेज़ी से विकास की राह पर आगे ले जाएगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार को लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे। पंकज चौधरी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट में दिखाई देता है, जिसे किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सभी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए सरकार ने इसमें निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रा बजट 2 लाख करोड़ रुपये था, वहीं अब इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यूपी को विशेष लाभ

वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए विशेष रूप से लाभकारी होंगे। इससे नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा समय घटेगा और पर्यटन व व्यापार को गति मिलेगी। इसके साथ ही डांकुनी से सूरत तक प्रस्तावित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू किए जाएंगे तथा वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर शिप-रिपेयर और मरम्मत केंद्र विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा।

पंकज चौधरी ने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर प्रति शहर 5000 करोड़ रुपये तक का निवेश प्रस्तावित है। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ और हस्तिनापुर को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

पारंपरिक उद्योगों को दिया गया विशेष समर्थन

रक्षा क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का मुख्य आधार बताते हुए उन्होंने मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं के तहत बायोफार्मा शक्ति परियोजना, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में बड़े प्रावधानों की जानकारी दी। एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड और पारंपरिक उद्योगों को विशेष समर्थन दिया गया है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, आयुष और स्किल डेवलपमेंट में भी बड़े प्रावधान किए गए हैं।

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