फरवरी ने तोड़े रिकॉर्ड...पहाड़ों पर बर्फ़बारी से दिल्ली में कोहरा,प्रयागराज में ठंड; MP के भिंड में जनजीवन प्रभावित
दिल्ली। दिल्ली में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा जिससे दृश्यता कम हो गई और वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने सुबह के समय और दोपहर से पहले घने कोहरे को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया। 'येलो अलर्ट' एक प्रारंभिक चेतावनी होती है, जो यह संकेत देती है कि खराब मौसम की स्थिति बन सकती है जिसकी वजह से दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
केंद्रवार आंकड़ों के मुताबिक, पालम में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 8.3 डिग्री, रिज में 9.2 डिग्री और आया नगर में 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 319 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
प्रयागराज में ठंड ने एक बार फिर लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में ठंड ने एक बार फिर लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया है। पिछले दो दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है। मंगलवार को सुबह से ही बादल छाए रहे, जिसके बाद शाम तक हल्की बूंदाबांदी भी हुई। वहीं बुधवार को सुबह कोहरे का असर देखने को मिला, जिसके बाद ठंडी हवाओं के चलने से एक बार फिर ठंड बढ़ गई।पिछले एक हफ्ते से धूप निकलने के कारण लोगों को गर्म मौसम का अहसास होने लगा था, लेकिन अचानक मौसम में आए बदलाव और ठंडी हवाओं ने फिर से ठंड की दस्तक दे दी है।
मौसम विभाग के अनुसार आज का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले एक सप्ताह की तुलना में तापमान में 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। साथ ही ठंडी हवाएं करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया है।
कुफरी, कल्पा में बर्फबारी, शिमला में बारिश से हिमाचल में ठंड ने कसी पकड़
पर्यटकों के पसंदीदा कुफरी और कल्पा में ताज़ा बर्फबारी ने एक ओर जहां हिमाचल प्रदेश की सर्दियों को और लुभावना बना दिया, वहीं मध्य और निचले पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिली। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, किन्नौर के कल्पा जिले में 10.8 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, जो राज्य में सबसे ज्यादा है। दूसरी ओर, लोकप्रिय हिल रिजॉर्ट कुफरी में एक सेंटीमीटर बर्फ गिरी।
जोट और गोंडला में भी बर्फ गिरी, जबकि संगला में 0.6 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। ताज़ा बर्फबारी ने कुफरी और कल्पा में ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित किया है, हालांकि ऊंचे इलाकों में बर्फ से ढंकी सड़कें भी मिली हैं। बर्फबारी के साथ-साथ राज्य के कई हिस्सों में बारिश भी हुई।
जोगिंदरनगर में सबसे ज़्यादा 9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गयी। इसके बाद मनाली और पालमपुर में 8 मिलीमीटर, सेओबाग और भुंतर में 5.4 मिलीमीटर, मंडी में 2.6 मिलीमीटर, जुब्बरहट्टी में 2.2 मिलीमीटर, पंडोह और गोहर में 2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि शिमला में 1.2 मिलीमीटर बारिश हुई। भुंतर, कांगड़ा, शिमला और जोत में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि शिमला में ओलावृष्टि हुई। बिलासपुर, सुंदरनगर और मंडी में घने से बहुत घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गयी। इससे सुबह-सुबह यातायात प्रभावित हुआ।
बर्फबारी और बारिश के कारण रात के तापमान में काफी गिरावट आयी। लाहौल-स्पीति में कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से नीचे 2.2 डिग्री सेल्सियस था, इसके बाद ताबो में शून्य से नीचे 8.8 डिग्री सेल्सियस और कल्पा में शून्य से नीचे 5.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
मनाली में तापमान शून्य से नीचे 0.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मध्य पहाड़ी क्षेत्र में, शिमला में 3.6 डिग्री सेल्सियस, सुंदरनगर में 3.5 डिग्री सेल्सियस और सोलन में 2.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, जबकि निचले पहाड़ी और मैदानी इलाके तुलनात्मक रूप से गर्म थे।
ऊना में 6.4 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 7.0 डिग्री सेल्सियस, नाहन में 8.6 डिग्री सेल्सियस और पांवटा साहिब में लगभग 9-10 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। मौसम विभाग ने कहा कि ज़्यादातर जगहों पर न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई, हालांकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहा।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक आमतौर पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन पांच फरवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे बारिश और बर्फबारी के एक और दौर की संभावना है।
झारखंड में एक सप्ताह तक मौसम स्थिर, सुबह कोहरा और रात में बढ़ेगी ठंड
झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा या कुहासा देखने को मिलेगा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही कोहरा छंट जाएगा और मौसम साफ हो जाएगा। मौसम विभाग ने बताया है कि रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।
इन क्षेत्रों में सुबह हल्का कोहरा रहेगा, जबकि दिन के समय आसमान साफ रहेगा और धूप खिलने से लोगों को राहत मिलेगी। पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जिलों में भी सुबह कुहासा छाने की संभावना जताई गई है। दिन में मौसम साफ रहने के कारण इन इलाकों में धूप का आनंद लिया जा सकेगा। वहीं पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
तापमान की बात करें तो उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मध्य झारखंड में ठंड का असर ज्यादा रहेगा, जहां गुमला में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। दक्षिण झारखंड में दिन के समय अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रातें ठंडी बनी रहेंगी।
उत्तर-पश्चिमी जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 9 फरवरी तक किसी भी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। । कुल मिलाकर आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बढ़ेगा, जिससे दिन में हल्की गर्मी और रात में सर्दी का असर महसूस होगा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह के समय कोहरे के कारण वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें।
सर्दी व घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित MP का भिंड
मध्यप्रदेश के भिंड जिले में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। आज सुबह जिले की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और दृश्यता काफी कम हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, ठंड और कोहरे का असर दिनभर बना हुआ है। इसके पहले कल जिले में बादल छाए रहे थे। हल्की बारिश हुई और बीच-बीच में धूप भी खिली, लेकिन रात होते-होते मौसम ने फिर करवट ली और सुबह घना कोहरा छा गया।
आज सुबह आसमान पर चारों ओर घने कोहरे की चादर तनी नजर आई। सुबह होते ही सड़कों, खेतों और खुले इलाकों में कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। बीते रोज न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि आज सुबह तापमान गिरकर करीब 8.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर का अधिकतम तापमान करीब 20.5 डिग्री सेल्सियस है। इसके बावजूद ठंड का असर दिनभर बना रह सकता है। जिले में आज आर्द्रता का स्तर 89 प्रतिशत दर्ज किया गया है। हवाएं 5 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड और अधिक महसूस की जा रही। घने कोहरे के कारण दृश्यता पर भी असर पड़ा। सुबह करीब 8 बजे विजिबिलिटी घटकर मात्र 20 मीटर रह गई थी, जो कुछ समय बाद बढ़कर लगभग 50 मीटर तक पहुंची। कोहरे की बूंदें हल्की फुहार के रूप में गिरती नजर आईं।
सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और अतिरिक्त सावधानी बरतनी पडी। मौसम के इस बदले मिजाज से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। जिन फसलों में दाना पड़ चुका है और हाल की बारिश के कारण फसल लेट हो गई है, उनमें दाना पतला होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि चंबल संभाग में हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि का असर अब फसलों पर दिखाई देने लगा है। ठंड बढ़ने के चलते लोग अलाव जलाकर और गर्म कपड़े पहनकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। सुबह और देर शाम सड़कों पर अलाव तापते लोग नजर आए।
ये भी पढ़ें :
India-US Trade Deal: ट्रेड डील पर भारत का पहला बयान, पियूष गोयल ने कहा- सबसे अच्छी डील, कृषि-डेयरी सेक्टर सुरक्षित
