कानपुर : सीएम की ऋण योजना में भी बैंक गंभीर नहीं, डीएम नाराज
कानपुर, अमृत विचार। यस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक और बंधन बैंक को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 40-40 युवाओं को ऋण देने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन इन बैंकों द्वारा अब तक एक भी लोन डिसबर्स नहीं किया गया। योजना के अंतर्गत जनपद को कुल 4000 लोन का लक्ष्य दिया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 2313 लोन डिसबर्स हुए हैं। बैंकों की इस सुस्ती पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
बुधवार को सीएम युवा उद्यमी योजना के क्रियान्वयन में बैंकों की उदासीनता पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कई बैंकों द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष एक भी ऋण वितरित न किए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि ये योजना युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की सरकार की प्रमुख योजना है, जिसके अंतर्गत बिना गारंटी और सरल प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिले और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले।
समीक्षा में मिली बैंकों की लापरवाही
- आईडीबीआई बैंक ने 40 के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 7 आवेदन
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 40 के सापेक्ष महज 6 लोन ही डिसबर्स किए हैं।
- आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने 40 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल एक लोन दिया है।
- एक्सिस बैंक ने 200 के लक्ष्य के मुकाबले एक भी लोन डिसबर्स नहीं किया है।
- एचडीएफसी बैंक ने 210 के लक्ष्य के सापेक्ष 75 आवेदन।
- आईसीआईसीआई बैंक ने 200 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 26 लोन वितरित किए
इन बैंकों का प्रदर्शन कुछ ठीक रहा
- बैंक ऑफ बड़ौदा ने 550 के लक्ष्य के सापेक्ष 420 लोन डिसबर्स कर बेहतर प्रदर्शन किया है।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 650 के लक्ष्य के मुकाबले 347 लोन वितरित किये।
- पंजाब नेशनल बैंक ने 500 के सापेक्ष 251 युवाओं को ऋण उपलब्ध कराया है।
