कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाम की तैयारी, धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन पर 25 हजार तक का हर्जाना
मुंबईः रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए कई उपायों की घोषणा की जिनके तहत कर्ज वसूली एजेंटों पर लगाम लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने और धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन के मामले में 25,000 रुपये तक का हर्जाना देने का प्रावधान शामिल है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद जारी बयान में इन उपायों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कम मूल्य के धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन के मामलों में 25,000 रुपये तक का हर्जाना देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा ऋण वसूली के लिए रिकवरी एजेंटों के इस्तेमाल से संबंधित एक प्रारूप दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा।
बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा उनके काउंटर पर तीसरे पक्ष के उत्पादों के विज्ञापन, विपणन और बिक्री के नियमन के लिए भी एक दिशा-निर्देश जारी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन में धोखाधड़ी रोकने के लिए विलंबित भुगतान और बुजुर्गों तथा अन्य विशेष श्रेणी के ग्राहकों के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की जा सकती है।
