Earthquake : रिक्टर पैमाने पर 3.7 तीव्रता का भूकंप, गोंडा सुरक्षित
इटियाथोक क्षेत्र में इटहिया नवीजोत में 10 किमी गहराई में था भूकंप
गोंडा, अमृत विचार। शुक्रवार की सुबह 7.32 बजे जिले मे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई है। अधिकारियों के अनुसार भूकंप का केंद्र इटियाथोक थाना क्षेत्र के इटहिया नवीजोत गांव के आसपास रहा।
भूकंप की गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई, जिसके चलते किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। भूकंप के झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीण इलाकों में भी लोगों ने हल्का कंपन महसूस होने की बात कही।

हालांकि झटके कम समय के लिए और हल्के होने के कारण स्थिति सामान्य बनी रही।सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी इटहिया नवीजोत गांव पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया और किसी भी प्रकार के नुकसान की जानकारी एकत्र की।
निरीक्षण के दौरान कहीं से भी किसी तरह की क्षति या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई। जिला आपदा अधिकारी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के मुताबिक भूकंप का केंद्र इटियाथोक थाना क्षेत्र का इटहिया नवीजोत गांव रहा। भूकंप की गहराई जमीन के 10 किमी की नीचे रही जिससे किसी तरह की कोई क्षति नहीं हुई है।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 3.7 थी और इसकी गहराई 10 किलोमीटर नीचे रही। उन्होंने कहा कि फिलहाल जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और कहीं से किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
खरगूपुर, मनकापुर व करनैलगंज हैं संवेदनशील
जिला आपदा अधिकारी राजेश श्रीवास्तव की माने तो जिले के खरगूपुर, मनकापुर मोतीगंज व करनैलगंज क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील हैं। पड़ोसी देश नेपाल में आने वाले भूकंप का असर इन क्षेत्रों में सर्वाधिक देखने को मिलता है।
25 अप्रैल 2015 को आया था सबसे तेज भूकंप, 7.8 थी तीव्रता
जिले मे सबसे शक्तिशाली भूकंप 11 वर्ष पहले 25 अप्रैल 2015 को सुबह करीब 11.40 बजे आया था। उस समय रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.8 थी। इस भूकंप के चलते मनकापुर तहसील क्षेत्र में कई मकान ध्वस्त हो गए थे और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बाद 9 नवंबर, 2022 को 5.7 तीव्रता वाला भूकंप यह गोंडा शहर से 252 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में 11 किलोमीटर की गहराई पर आया था। शुक्रवार को आए भूकंप ने एक बार फिर से इन घटनाओं की याद ताजा कर दी।
