Bareilly : डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट...न ईओ ने दो लाख मांगे और न व्यापारी नेता ने कागजात फाड़े

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। फतेहगंज पश्चिमी में कुछ माह पहले अतिक्रमण हटाने के दौरान ईओ पुष्पेंद्र राठौर और व्यापारी के बीच हुए विवाद में गठित जांच समिति ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। जांच अधिकारियों ने छह पेज में कई बिंदुओं का खुलासा किया है। समिति ने जांच रिपोर्ट बैलेंस बनायी है। दोनों पक्षों को बचाते हुए लिखा है कि ईओ के कार्यालय में घुसकर सरकारी कागजात फाड़ने, धमकाने जैसी कोई घटना होने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईओ द्वारा दो लाख रुपये मांगे जाने की पुष्टि हुई। डीएम अविनाश सिंह की ओर से 4 फरवरी को जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री को भेज दी गई है।

एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, एडीएम न्यायिक देश दीपक सिंह एवं एसपी नार्थ मुकेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त जांच रिपोर्ट में बताया है कि समिति सदस्यों ने 9 जनवरी को मौके पर जाकर निरीक्षण व पूछताछ की गई। ईओ पर अतिक्रमण के नाम पर 2 लाख की रिश्वत की मांगने के आराेपों के संबंध में शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल के बयान लिए गए। इसमें रिश्वत मांगने के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुआ, लेकिन घटना वाले दिन मौके पर मौजूद कई व्यापारियों ने अपने बयान में ईओ द्वारा दो लाख रुपए मांगने का इशारा करने की बात कही।

 वहीं, व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल पर ईओ के कक्ष में घुसकर अभद्र व्यवहार करने व गालीगलौज और सरकारी फाइलें फाड़ने आदि के संबंध में लगाए आरोप के बारे में कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने अधिशासी अधिकारी कक्ष में आशीष अग्रवाल के नहीं जाने, फाइल फाड़ते हुए नहीं देखने के बात कही। गालीगलौज या धमकी देने की घटना के संबंध में अधिशासी अधिकारी कार्यालय के किसी भी कर्मचारी ने घटना की वीडियाेग्राफी नहीं करने, कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे होने लेकिन एक्सेस चेयरमैन के दामाद हारुन के पास होना बताया। 

अधिशासी अधिकारी ने कार्यालय में कैमरे लगे होने के बाद भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराया, जिससे उनके आरोप घटना को पुष्ट कर सके। तथ्यों और घटनास्थल के भौतिक निरीक्षण, बयानों से समिति के सदस्यों ने पाया कि शिकायतकर्ता आशीष अग्रवाल द्वारा ईओ पर दो लाख की रिश्वत मांगने का आरोप अपुष्ट व बलहीन है। इसके साथ ही ईओ द्वारा व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल पर कक्ष में आकर सरकारी दस्तावेज फाड़ने के आरोप प्रथमदृष्टया अपुष्ट व बलहीन पाए गए। वहीं, व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल ने कहा है कि जांच समिति की जांच आख्या से स्पष्ट है कि ईओ ने पद का दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। जिला प्रशासन से फर्जी मुकदमे को तत्काल खत्म करने की मांग की है।

 

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