उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू, राज्यपाल के अभिभाषण पर सपा के हंगामे की तैयारी... अखिलेश ने उठाए कई गंभीर मुद्दे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है, जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण प्रमुख आकर्षण होगा। लेकिन इस बार सत्र की शुरुआत ही हंगामेदार दिख रही है, क्योंकि विपक्षी दल खासकर समाजवादी पार्टी (सपा) राज्य सरकार को कई मुद्दों पर कड़ी घेराबंदी करने की योजना बना रही है।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी, जिसमें राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' से औपचारिक शुरुआत के बाद राज्यपाल अपना अभिभाषण पढ़ेंगी। अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां, योजनाएं और विकास कार्यों का जिक्र होगा। इसके बाद दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) में विधायी कार्यवाही शुरू होगी। मंगलवार को पूर्व एवं वर्तमान दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जबकि बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
सपा की रणनीति: हंगामा और विरोध का प्लान
सपा ने सत्र को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में तय हुआ कि पार्टी विधायक राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जोरदार विरोध जताएंगे। सपा विधायक पहले विधानभवन में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर प्रदर्शन करेंगे, फिर सदन में 'गो-बैक' के नारे लगाकर हंगामा करेंगे।
सपा प्रमुख मुद्दे जिन पर सरकार को घेरा जाएगा:
- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियां और नाम कटवाने की शिकायतें
- बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार
- बेरोजगारी और युवाओं की निराशा
- महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति
- खाद संकट, एमएसपी पर बिचौलियों की भूमिका
- कोडीन कफ सिरप की तस्करी का मामला
अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हालिया ट्रेड डील को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे "डील नहीं, ढील" करार दिया और कहा कि यह समझौता नहीं बल्कि समर्पण है। इससे किसानों और एमएसएमई क्षेत्र पर गहरा संकट आएगा, क्योंकि यूपी के किसान और छोटे उद्योग अमेरिका जैसे बड़े देश से कैसे मुकाबला करेंगे?
सरकार और भाजपा की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में स्वस्थ चर्चा की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर सुचारु बहस करनी चाहिए, ताकि प्रदेश का विकास हो सके। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी सभी दलों से सहयोग मांगा और कहा कि सहमति-असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सदन में पर्याप्त अवसर मिलेगा।
भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में सीएम योगी ने विधायकों को SIR कार्य प्रभावित न होने देने और पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों के लिए SIR बहुत महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधायकों से बजट का गहन अध्ययन करने और विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने को कहा।
सर्वदलीय बैठक में सभी दलों ने सदन सुचारु रूप से चलाने का आश्वासन दिया, लेकिन सपा की रणनीति से पहले दिन हंगामे की आशंका बनी हुई है। विधानभवन में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।यह सत्र 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट सत्र माना जा रहा है, इसलिए राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं।
