बाराबंकी : डीएम के आदेश पर जांच, परिसर में मिली भारी मात्रा में दवाएं
त्रिवेदीगंज/बाराबंकी, अमृत विचार। राजकीय पशु चिकित्सालय त्रिवेदीगंज में दवाएं आग में जलाने के मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच टीम ने सोमवार को जांच की। जांच के दौरान अस्पताल परिसर के पीछे कीड़े व बुखार समेत पशुओं की भारी मात्रा में अन्य दवाएं पड़ी मिलीं। इस दौरान पशुपालकों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए।
बता दें कि 14 जनवरी को पशु अस्पताल में दवाएं जलाए जाने का मामला सामने आया था, जिसे अमृत विचार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद डीएम ने जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर अनिल कुमार सरोज, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरजीत सचान और डॉ. मंजुला देवी की टीम गठित की थी।
सोमवार सुबह जांच टीम के अस्पताल पहुंचने से पहले पशुपालक सिद्धार्थ अवस्थी ने अस्पताल के पीछे फेंकी गई दवाएं बरामद कराईं। जांच टीम ने किसान संजय वर्मा, राहुल वर्मा और शिव मोहन वर्मा के लिखित बयान दर्ज किए। जांच टीम की सदस्य डॉ. मंजुला देवी ने बताया कि सभी पशुपालकों और कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं, हालांकि दवाओं की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट की होती है।
फार्मासिस्ट अवधेश शुक्ला जांच के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। जांच के दौरान पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इंदूबाला के पति की अस्पताल में मौजूदगी पर प्रधान तेजवापुर संजय वर्मा भड़क गए और विरोध जताया, जिससे हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर गांव में जाकर इलाज नहीं करतीं, अस्पताल आने वाले पशुपालकों से दवाओं के पैसे लिए जाते हैं और पशुओं को दवा देने के बजाय उन्हें लगातार आग में जला दिया जाता है।
