शिक्षा मंत्री प्रधान से मिले IIM लखनऊ के निदेशक, शैक्षणिक सहयोग और भविष्य की नेतृत्व तैयारी पर हुई चर्चा

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ के निदेशक प्रो. एम. पी. गुप्ता ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर देश में प्रबंधन शिक्षा की बदलती भूमिका और भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार करने से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

मुलाकात के दौरान प्रो. एम. पी. गुप्ता ने शिक्षा मंत्री को आईआईएम लखनऊ में बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए इंटरडिसिप्लिनरी पाठ्यक्रमों, पब्लिक पॉलिसी, कौशल विकास, छात्र कल्याण, वैश्विक सहयोग, शोध और कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।

उन्होंने संस्थान द्वारा बुनियादी ढांचे और तकनीक में किए जा रहे निवेश, नेतृत्व और नवाचार को प्रोत्साहन, छात्र गतिशीलता के लिए छात्रवृत्तियों तथा दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों तक पहुंच बढ़ाने जैसे समावेशी शिक्षा के प्रयासों को भी रेखांकित किया। प्रो. गुप्ता ने कहा कि आईआईएम लखनऊ राष्ट्रीय विकास में एक ज्ञान साझेदार की भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सरकार और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर देश के लिए एक सशक्त नॉलेज हब विकसित करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया कि मजबूत एलुमनाई नेटवर्क और वैश्विक मान्यता मानकों के साथ संस्थान अपने शैक्षणिक और सामाजिक प्रभाव को लगातार विस्तार दे रहा है।

बैठक में आईआईएम लखनऊ की हालिया शैक्षणिक पहलों पर भी चर्चा हुई, जिनमें ब्लेंडेड एमबीए कार्यक्रम की शुरुआत, एग्जीक्यूटिव एमबीए की वैश्विक संभावनाएं और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के साथ संयुक्त रूप से हेल्थकेयर मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर डिग्री कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा, एलुमनाई सहभागिता को मजबूत करने, उद्योग सहयोग और नेतृत्व विकास से जुड़े कार्यक्रमों पर भी प्रकाश डाला गया।

चर्चा के दौरान संस्थान की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया, जिनमें 'ट्रिपल क्राउन' मान्यता प्राप्त करना, रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत माइंड लैब की स्थापना, गोल्डमैन सैक्स के सहयोग से 10,000 महिला उद्यमियों के प्रशिक्षण की पहल और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी शामिल है। प्रो. गुप्ता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को आईआईएम लखनऊ परिसर का दौरा करने का आमंत्रण भी दिया, ताकि छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के साथ संवाद के माध्यम से देश में प्रबंधन शिक्षा को और सशक्त किया जा सके। 

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