कानपुर : घरेलू विवाद में सेवानिवृत्त केस्को कर्मी ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, परिजनों में कोहराम

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

कानपुर, अमृत विचार। बर्रा की कर्रही गांव में सोमवार सुबह घरेलू विवाद ने बेहद खौफनाक रूप ले लिया। खाना और चाय बनाने को लेकर हुए झगड़े में 70 वर्षीय सेवानिवृत्त केस्को कर्मचारी रामप्रकाश राजपूत उर्फ साहेब लाल उर्फ प्रकाश ने अपनी पत्नी ललिता (65) की लोहे की साबड़ से बेरहमी से हत्या कर दी।

इतना ही नहीं, वारदात के बाद आरोपी खुद बाहर निकला और मुहल्ले वालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर बड़े बेटे महेंद्र और परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। घर के अंदर खून से लथपथ ललिता का शव देखकर परिजन और पड़ोसी सदमे में आ गए। 

घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंचे डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी और एडीसीपी योगेश कुमार व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों व लोगों से पूछताछ की। टीम ने आलाकत्ल साबड़ समेत अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए। जबकि हत्यारोपी ईंट से हमला करने की बात कह रहा था। 

cats

कर्रही गांव पुरानी बस्ती निवासी रामप्रकाश राजपूत उर्फ प्रकाश उर्फ साहेब लाल पांच वर्ष पहले केस्को से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुआ था। परिवार में पत्नी ललिता, दो बेटे-महेंद्र और सुरेंद्र-और चार बेटियां-आशा, ज्योति, सोनी और मोनी हैं। सुरेंद्र को छोड़कर सभी विवाहित हैं। सुरेंद्र पुताई का काम करता है और माता-पिता के साथ रहता था, जबकि बड़ा बेटा महेंद्र अपने परिवार के साथ पास ही अलग घर में रहता है। 

परिजनों के अनुसार, सुरेंद्र खाना बनाने के बाद सोमवार सुबह नौ बजे काम पर चला गया था। पुलिस के अनुसार, रविवार रात से ही खाना बनाने को लेकर पति-पत्नी में झगड़ा चल रहा था। सोमवार सुबह चाय बनाने को कहा गया तो पत्नी ने मना कर दिया। बेटे के जाने के बाद ललिता ने खाना घर में रखा, लेकिन आरोपी ने खाने से इनकार कर दिया। 

इसी बात को लेकर कहासुनी हुई और आवेश में आकर रामप्रकाश ने साबड़ उठाकर पत्नी के सिर पर वार कर दिया। ललिता जमीन पर गिर गई और साबड़ के वार से उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी घर से बाहर आया और सीढ़ियों पर बैठकर मुहल्ले वालों को घटना की जानकारी दी। 

इस पर मुहल्ले वाले हैरान रह गए और बड़े बेटे महेंद्र को सूचना दी। महेंद्र घर पर नहीं था, उसने चाचा महेश को भेजा। मौके पर पहुंचे परिवार ने खून से लथपथ ललिता का शव देखा तो चीख-पुकार मच गई। परिवार व बेटियों का फफक-फफक कर रोना शुरू हो गया। 

cats

घटना की जानकारी से पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया और लोगों की भारी भीड़ जुट गई। लगभग सभी यही कह रहे थे कि इस उम्र में यह क्या कर दिया। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पत्नी की हत्या करना स्वीकार कर लिया है। बेटे की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त साबड़ बरामद कर ली गई है और जेल भेजा जा रहा है। 

40 साल बाद फिर बना कातिल

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि रामप्रकाश 1985 में भी एक युवक की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। वह जमानत पर बाहर आया था। पुलिस अब उसके पुराने मुकदमों की पूरी जानकारी जुटा रही है। थाने में मौजूद आरोपी ने कहा, “होनी थी, हो गई… मैं शुगर का मरीज हूं और तनाव में यह घटना हो गई।”

कई नामों को लेकर असमंजस

रामप्रकाश, साहेब लाल और प्रकाश—इन नामों को लेकर मोहल्ले में चर्चा है। कुछ लोगों का कहना है कि वह सरकारी नौकरी किसी दूसरे नाम से कर रहा था और जेल भी दूसरे नाम से काटी थी। हालांकि पुलिस ने इसे जांच का विषय बताया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 1985 में मोहल्ले में रहने वाले एक युवक की हत्या के मामले में वह जेल गया था।

संबंधित समाचार