लखनऊ में बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, निजीकरण और बिल वापस लेने की मांग

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचारः बिजली विभाग के कर्मचारियों ने इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल और बिजली के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। शक्ति भवन के बाहर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण वापस लो और चार लेबर कोड रद्द करो जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो अब तक का सबसे बड़ा विरोध और देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।

बिजली का निजीकरण राष्ट्रीय मुद्दा

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि बिजली का निजीकरण राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। देशभर में 27 लाख बिजलीकर्मी घरों से बाहर आ चुके हैं। उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं यूपी से निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल वापस लिया जाए और पुरानी पेंशन बहाल की जाए।

लेबर कोड और नौकरी सुरक्षा पर चिंता

भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी से जुड़े लालचंद्र ने कहा कि 4 लेबर कोड के माध्यम से कर्मचारियों का हक छीना जा रहा है। नए कानून में ठेका प्रथा बढ़ाई जा रही है और परमानेंट नौकरी की जगह कैजुअल नौकरी दी जा रही है। उन्होंने चेताया कि अगर कर्मचारी एकजुट नहीं हुए, तो सरकार उनके हक पर कब्ज़ा कर लेगी। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के निर्णय के खिलाफ धरना देकर अपनी आवाज बुलंद की और शीघ्र समाधान की मांग की।

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