बांग्लादेश में BNP की जीत: नजरुल इस्लाम खान ने कहा-चुनाव परिणाम को मान्यता देने के लिए भारत को धन्यवाद
ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने देश के आम चुनाव के नतीजे को मान्यता देने के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शुक्रवार को धन्यवाद देते हुए उम्मीद जताई कि नयी सरकार के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे। बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य और 2026 के चुनाव के मुख्य समन्वयक नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि पार्टी मोदी द्वारा जनादेश को मान्यता दिए जाने की सराहना करती है।
उन्होंने कहा, ''हम हमारे नेता तारिक रहमान को बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हैं। किसी लोकतांत्रिक देश द्वारा जनता के फैसले को मान्यता दिया जाना अच्छी बात है और नरेन्द्र मोदी ने ऐसा किया है। हम उन्हें धन्यवाद देते हैं।'' खान ने कहा, ''हम अपनी पार्टी की ओर से भी उन्हें धन्यवाद देते हैं और हमारा विश्वास है कि हमारे नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में इन दोनों देशों और उनके लोगों के बीच संबंध मजबूत होंगे।''
इससे पहले, मोदी ने बीएनपी के नेता तारिक रहमान की बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में ''निर्णायक जीत'' पर शुक्रवार को उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वह विकास के साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने को लेकर उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत ने रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दर्शाया है।
मोदी ने कहा, ''भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा। मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।'' बीएनपी ने 12 फरवरी को हुए चुनाव में 300 सदस्यीय संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। यह छात्रों के नेतृत्व में 2024 में हुए प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश में पहला संसदीय चुनाव है। इस प्रदर्शन की वजह से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।
हालांकि बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग (ईसी) ने चुनाव परिणाम की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थानीय मीडिया द्वारा प्रसारित अनौपचारिक आंकड़ों और अनुमानों के अनुसार बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 210 से अधिक सीट जीत ली हैं जबकि जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्ष के रूप में उभरी है। यह वर्षों तक विपक्ष में रही बीएनपी की बड़ी राजनीतिक वापसी है। करीब 17 वर्ष के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे रहमान ने दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
