बाराबंकी : बच्चों की आस्था और श्रद्धालुओं का उत्साह, लोधेश्वर महादेवा मेले में भक्ति की अद्भुत झलक

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Published By Deepak Mishra
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रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा मंदिर का फागुनी मेला अब अपने पूरे शबाब पर है। मेला क्षेत्र हर-हर बम-बम के जयकारों से गुंजायमान है। हाईवे से लेकर मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर कांवरियों की भारी भीड़ दिखाई दे रही और पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं से पट गया है। श्रद्धालु कानपुर, उन्नाव, बिठूर, उरई और जालौन सहित दूर-दराज़ जनपदों से सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर कंधों पर कांवर लेकर महादेवा पहुँच रहे हैं। डीजे की भक्ति धुनों पर नाचते-झूमते कांवरियों के जत्थे पैदल मार्गों पर आगे बढ़ रहे हैं। 

मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर-ट्रॉली और बसों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भगवान शिव की पूजा-अर्चना के बाद कई श्रद्धालु मेला परिसर में विश्राम कर भजन-कीर्तन और रामायण पाठ में जुटे हैं। भक्ति रस में डूबे कांवरियों के जत्थे उत्साह के साथ नृत्य करते भी नजर आ रहे हैं। मेले में सजी दुकानों पर खरीदारी को लेकर भीड़ बढ़ गई है। भोंपू, टोपी और पूजन सामग्री की दुकानों पर कांवरियों की विशेष भीड़ देखी जा रही है, जिससे बाजार की रौनक बढ़ गई है।

इसी क्रम में लखनऊ के बन्थरा क्षेत्र से लगभग 75 कांवरियों का जत्था महंत रामकरन की अगुवाई में जल भरकर शुक्रवार को महादेवा मंदिर पहुंचा। विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। जत्थे में 9 से 15 वर्ष तक के बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा करते दिखाई दिए। आस्था के आगे कठिनाइयां भी फीकी पड़ती नजर आईं।

अरुण कुमार, अर्जुन, दीपक, जितेंद्र, धर्मेंद्र, दिलीप, सजीवन, हिमांशु, अमित, शिवम और सुरेंद्र सहित अनेक श्रद्धालु कांवर लेकर डीजे की धुन पर थिरकते हुए मंदिर की ओर बढ़ते रहे। समाजसेवियों व शिव भक्तों द्वारा मेला क्षेत्र में जगह-जगह भंडारे भी चलाए जा रहे।

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शाम ढलते ही अंधेरे में दूरी तय कर रहे कांवरिए

रामनगर : लोधेश्वर महादेवा मंदिर आ रहे कांवरियों के लिए शाम ढलते ही हाईवे की दूरी तय करना बहुत ही मुश्किल भरा साबित हो रहा। हर पल हादसे की आशंका बनी रहती है। मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था न होना कांवरियों को खास अखर रहा है। मार्ग के अंधेरे में डूबे रहने से वाहनों की आवाजाही के बीच दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। बताते चलें कि देर रात जलाभिषेक के लिए आने-जाने वाले कांवरियों को अंधेरे में पैदल चलना पड़ रहा है। 

हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के चलते हर समय हादसे का खतरा बना रहता है, लेकिन अब तक प्रकाश व्यवस्था की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। वहीं केसरीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर भी कांवरियों को बड़ी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। क्रॉसिंग का गेट बंद कर दो-दो ट्रेनों के गुजरने तक रास्ता बंद रहने से लंबा जाम लग जाता है। इस दौरान पैदल चल रहे कांवरियों को भी काफी देर तक रुकना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा प्रभावित हो रही है।

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