Mahashivratri 2026 Shubh Sanyog: महाशिवरात्रि कल, बनेंगे विशेष शुभ योग
लखनऊ, अमृत विचारः इस बार फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी 15 फरवरी रविवार को है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह उत्सव महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि ने चतुर्दशी रविवार को शाम 5:04 बजे 16 फरवरी को शाम पांच बजे तक है।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सुबह 6:43 से शाम 7:48 तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के बाद श्रवण नक्षत्र शुरु होगा, जो 16 फरवरी सांय 8:47 तक रहेगा। श्रवण नक्षत्र में शिव पूजन अत्यंत फलदायी माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:48 से 12:53 तक और अमृतकाल 12:59 से 2:41 बजे तक रहेगा।
चार प्रहर की पूजा
प्रथम प्रहर 5:58 से 9:09, द्वितीय 9:09 से 12:20, तृतीय 12:20 से 3:31 और चतुर्थ 3:31 से 6:42 बजे तक रहेगा। रात्रि के चारों प्रहरों में बेलपत्र अर्पित करना पुण्यकारी है।
पूजन विधि और लाभ
जल, दूध, दही, घी, शहद व गन्ने के रस से अभिषेक करें। ‘ॐ नमः शिवाय’ जप, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र, शिव पुराण व शिव तांडव स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस योग में पूजा से रोग मुक्ति, धन लाभ, विवाह बाधा निवारण और दोष शांति के विशेष फल प्राप्त होते हैं।
