Bareilly: सर्दी में भी गर्म खून के जानवरों ने जमकर बनाया शिकार

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल और 300 बेड अस्पताल में रैबीज की वैक्सीन लगाने वाले शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से तो लोग आ ही रहे हैं, लेकिन जिन लोगों ने अपने घरों में कुत्ते, बिल्ली और चूहे पाले हुए हैं वह भी अपने पालतू की बाइट का शिकार होकर बड़ी संख्या में एंटी रैबीज वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं।

रैबीज की वैक्सीन लगाने के लिए तीन सौ बेड अस्पताल के बाद जिला अस्पताल में भी कुछ समय पहले स्टाफ को तैनात किया गया है। यहां पर रोज 100 से 150 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इतने ही लोग 300 बेड अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि जिले में स्ट्रीट डॉग के साथ-साथ चूहा, बिल्ली, नेवले और सियार के भी शिकार होते हैं। इसके साथ ही रोजाना तमाम लोग अपने ही घर में पालतू जानवर की बाइट का शिकार हो जाते हैं। ऐसे लोग भी एहतियातन एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। उन्हें अपने ही पालतू पशु पर भरोसा नहीं होता है, जबकि वह उसका नियमित वैक्सीनेशन का दावा करते हैं।

गर्मी के बराबर ही है सर्दी का आंकड़ा
आमतौर पर कहा जाता है कि गर्मी में स्ट्रीट डॉग अधिक लोगों को शिकार बनाते हैं, लेकिन आंकड़ों में यह बात सही नहीं पाई गई। जिला अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि जितने लोग गर्मी में जानवरों के काटने का शिकार होते हैं, लगभग उतने ही लोग सर्दियों में भी वैक्सीनेशन के लिए अस्पताल में आ रहे हैं।

पालतू सफेद चूहे ने चबा दी मासूम की अंगुली
दो माह के बच्चे को निकाह में लेकर गई महिला के बच्चे को वहां पल रहे पालतू सफेद चूहे ने ही अपना शिकार बना लिया। रात में सोते समय चूहा मासूम बच्चे की अंगुली को चबा गया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मां को इसकी जानकारी हुई। शुक्रवार को उसे रैबीज की वैक्सीन लगाई गई है।

नर्सिंग ऑफिसर मिथलेश कुमार ने बताया कि रैबीज की वैक्सीन लगाने के लिए रोज 100 से 150 लोग जिला अस्पताल में आ रहे है। उनका वैक्सीनेशन किया जा रहा है। इसमें पहली वैक्सीन से लेकर पांचवीं वैक्सीन लेने वाले लोग शामिल हैं। वैक्सीनेशन के लिए पहुंचने वाले आधे लोग अपने पालतू जानवर का शिकार होते हैं।

 

संबंधित समाचार