Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि पर पर शिवालय सज-धज कर तैयार, जानिए पूजा का सर्वोत्तम मुहूर्त
बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी जिलेभर के शिवालय महाशिवरात्रि के अवसर पर सजधज कर पूजा-अर्चना के लिए तैयार हैं। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट के साथ हर तरफ बम-बम की गूंज और श्रद्धालुओं की हर हर महादेव की आवाज़ से पर्व का उल्लास महसूस किया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर शहर के नागेश्वरनाथ मंदिर से शिव बरात निकाली जाएगी, जो घंटाघर, धनोखर होते हुए पंचमदास कुटी पहुंचेगी।
ओम नगर नई बस्ती बंकी में जिला संयोजक भाजपा विधि प्रकोष्ठ के अनूप यादव के नेतृत्व में शोभायात्रा और भंडारे का आयोजन होगा। इस अवसर पर कैलाश आश्रम में चार पहर की सामूहिक पूजा आयोजित होगी, जबकि दूधेश्वर महादेव मंदिर में कलाकारों द्वारा शिवलीला और भव्य झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। श्रद्धालु पूरे शहर में बाबा के श्रृंगार और पूजा में शामिल होकर पर्व का आनंद ले रहे हैं।

कमल पुष्पों से सजेंगे भोले बाबा
औसानेश्वर महादेव मंदिर में कमल पुष्पों से बाबा का श्रृंगार किया जाएगा और गोमती नदी से मंदिर तक बैरिकेडिंग की गई है। कुंतेश्वर महादेव मंदिर में रात 1 बजे तक ओम नमः शिवाय का जाप निरंतर चलता रहा। शिवरात्रि पर भंडारे में फलाहार वितरण की व्यवस्था भी की गई है।
सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जबकि पुजारी अनिल पुरी महाराज ने बताया कि शिव बरात निकाली जाएगी। सतोखर तालाब स्थित सिद्धेश्वर, मत्थेश्वर महादेव मंदिर, और रामसनेहीघाट के बुढ़वा बाबा मंदिर समेत जिले के सभी प्रमुख शिवालय श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज-धज कर तैयार हैं।
पूजा का सर्वोत्तम मुहूर्त
पं. नित्यानंद बाजपेई ने बताया कि रविवार शाम 05:04 से सोमवार शाम 05:34 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। रात की पूजा में चार पहर रविवार को शाम 06:35 से सोमवार भोर 03:47 बजे तक हैं। उन्होंने बताया कि रात के पूजन में शिवयोग का बहुत महत्व होता है।

महादेवा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता
रामनगर: महाशिवरात्रि को लेकर प्रशासन पूरी तरह सुरक्षा और व्यवस्थाओं के साथ तैयार है। मेले में लाखों श्रद्धालु आज जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की आराधना करेंगे। प्रदेश के कोने कोने से लाखों कांवरिये महादेवा पहुंचे हैं। पूरे मेला क्षेत्र को चार जोन और आठ सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। जोनों की जिम्मेदारी एसडीएम और सीओ स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है, जबकि सेक्टरों में इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य विभागीय अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 7 सीओ, 11 प्रभारी निरीक्षक, 30 इंस्पेक्टर, 133 उपनिरीक्षक, 485 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल, 100 महिला आरक्षी, 115 होमगार्ड, 7 ट्रैफिक दरोगा और 70 ट्रैफिक सिपाही शामिल रहेंगे।
इसके साथ ही बड़ी संख्या में रंगरूट, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे, मोटर बोट पर पीएसी जवान, विशेष पुलिस टीमें मंदिर परिसर और गर्भगृह में, बम निरोधक दस्ते और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है और चारों ओर नो पार्किंग स्थल और दर्जनों बैरियर लगाए गए हैं। मेले में तहसीलदार विपुल कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडेय और खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी कैंप करके व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
