बड़े करदाताओं के लिए बड़ी राहत! अब वर्चुअल सुनवाई से होगी तेज और पारदर्शी टैक्स न्याय प्रक्रिया

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के बड़े करदाताओं की व्यक्तिगत सुनवाई वर्चुअल माध्यम से की जाएगी। यह व्यवस्था 20 फरवरी से प्रभावी होगी। इसे संयुक्त आयुक्त (कॉरपोरेट) और संयुक्त आयुक्त (काॅरपोरेट सेल–ऑयल सेक्टर) स्तर पर लागू की जाएगी।

प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी रतन चौहान ने बताया कि प्रदेशभर में इन स्तरों पर पंजीकृत करदाताओं की सुनवाई सामान्य परिस्थितियों में अनिवार्य रूप से वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जाएगी। इससे न केवल करदाताओं को सहूलियत मिलेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक तेज और समयबद्ध होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं के अनुरूप लागू की जा रही है। करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह विकल्प भी रहेगा कि यदि कोई करदाता स्वयं वर्चुअल सुनवाई में शामिल नहीं हो पाता है, तो वह अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे सकता है, जिस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

वहीं आयुक्त राज्य कर नितिन बंसल ने बताया कि भौतिक सुनवाई की व्यवस्था में अक्सर करदाता या उनके प्रतिनिधि समय पर उपस्थित नहीं हो पाते थे, जिससे बार-बार स्थगन लेना पड़ता था। कई मामलों में अधिकारी के अवकाश पर होने से भी सुनवाई टल जाती थी, जिससे त्वरित न्याय की मंशा प्रभावित होती थी। उन्होंने कहा कि वर्चुअल सुनवाई से इन व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान होगा और करदाताओं व विभाग दोनों का समय और संसाधन बचेगा। यह कदम राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के साथ-साथ कर व्यवस्था को और अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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