लखनऊ: आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़ कर रहे थे ठगी, पुलिस ने दबोचा
लखनऊ, अमृत विचार: आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर ठगी करने वाले दो अंतरराज्यीय जालसाजों को मड़ियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 181 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी एटीएम बूथ पर लोगों के एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करते थे। प्रदेश के कई जिलों और दूसरे प्रांतों में 30 लाख से अधिक की ठगी कर चुके हैं।
एडीसीपी उत्तरी ऋषभ रूणवाल ने बताया कि एटीएम बूथ पर कार्ड बदलकर ठगी करने वाले सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे। इनकी तलाश के लिए इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा और क्राइम ब्रांच को लगाया गया। टीम ने शनिवार रात जीएसआई ई-पॉवर हाउस चौराहा स्थित एटीएम बूथ के पास बिना नंबर की बाइक सवार दिलशाद और शहबान को दबोच लिया।
दिलशाद प्रतापगढ़ के लीलापुर इलाके के शमशेरगंज अकारीपुर और शहबान सदर कोतवाली के पुरवा मधई हुडहा पूरे का रहने वाला है। दोनों आरोपियों ने बताया कि मड़ियांव, जानकीपुरम, पारा, चिनहट, आलमबाग, नाका और कैसरबाग के अलावा अन्य इलाकों में करीब दो दर्जन वारदातें की हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी 100 से अधिक लोगों से ठगी की है। दोनों तीन वर्ष से टप्पेबाजी कर रहे थे।
एडीसीपी ने बताया कि 12 फरवरी को राजू गुप्ता व अर्जुन सिंह चौहान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों के खाते से 17,700 रुपये निकाले गए थे। 7 सितंबर को अलीगंज की सुषमा श्रीवास्तव के कार्ड बदलकर खाते के 2.40 लाख रुपये निकाल थे। आरोपी शहबान के खिलाफ कौशांबी व रायबरेली और दिलशाद के खिलाफ अयोध्या व प्रतापगढ़ में कई मामले दर्ज हैं।
बुजुर्ग व महिलाएं होती थी निशाने पर, 181 एटीएम बरामद
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र ने बताया कि आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 181 एटीएम कार्ड, चार फर्जी आधार कार्ड अलग-अलग नाम से, एक मोबाइल फोन, बिना नंबर की एक बाइक, 2050 रुपये बरामद हुए हैं। गिरोह के लोग महिलाओं और बुजुर्गों को टारगेट करते थे। उन्हें आसानी से बरगला कर एटीएम बदल लेते थे।
महंगे होटलों में रूकते थे, पहनते थे ब्रांडेड कपड़े
इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि जालसाज बूथ में बुजुर्गों और महिलाओं को देखकर ही जाते थे। टारगेट जैसे ही कार्ड लगाकर पिन डालता था तो चुपचाप पीछे खड़े होकर देख लेते थे। उसके बाद कभी रसीद, कभी कैंसिल तो कभी कोई बहाना बनाकर कार्ड लेकर बदल देते थे। आरोपी ठगी की रकम से महंगे होटलों में खाना खाते और ब्रांडेड कपड़े पहनते थे। आरोपी लखनऊ में जब भी आते तो होटल में ही रूकते थे। ठगी की रकम से एक बाइक भी खरीदी थी।
महंगे शौक के लिए नौकरी छोड़ करने लगा टप्पेबाजी
इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि बीटेक करने के बाद आरोपी दिलशाद ने करीब चार साल पहले 40 हजार रुपये वेतन पर एक निजी कंपनी में दिल्ली में इंजीनियरिंग की नौकरी शुरु की। गर्लफ्रैंड की फरमाइशें और अपने महंगे शौक वह आईटी सेक्टर की नौकरी से पूरा नहीं कर पा रहा था। जिसके चलते उसने तीन साल पूर्व नौकरी छोड़ दी और साथी के साथ मिलकर टप्पेबाजी करने लगा था।
