रेलवे का नया रिकॉर्ड : माघ मेले में प्रशासन ने चलवाई 1000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें, अयोध्या से वाराणसी तक रिंग रेल सेवा 

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Published By Anjali Singh
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संपन्न हुए माघ मेले के दौरान भारतीय रेलवे ने संचालन का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मेला अवधि में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

इस विशाल भीड़ के सुगम आवागमन के लिए रेलवे ने पहली बार 1000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें संचालित कीं। दो जनवरी से 15 फरवरी तक कुल 1067 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। इससे पहले स्पेशल ट्रेनों की संख्या 400 के पार नहीं पहुंची थी। 

स्पेशल और नियमित ट्रेनों को मिलाकर कुल 9135 ट्रेनों का संचालन हुआ, जिनमें 8068 नियमित और 1067 स्पेशल ट्रेनें शामिल रहीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर), उत्तर रेलवे (एनआर) और पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के बीच समन्वित व्यवस्था की गई।

मुख्य स्नान तिथियों पर विशेष प्रबंध किए गए। मौनी अमावस्या (18 जनवरी) पर 60, बसंत पंचमी पर 45, मकर संक्रांति पर 41, माघी पूर्णिमा पर 40 और पौष पूर्णिमा पर 38 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। 

इस बार महाकुंभ की तर्ज पर पहली बार रिंग रेल सेवा भी शुरू की गई, जिससे संगम स्नान के बाद श्रद्धालुओं को अयोध्या में रामलला दर्शन, वाराणसी में काशी विश्वनाथ दर्शन और चित्रकूट यात्रा में सुविधा मिली। रेलवे अधिकारियों के अनुसार रिंग रेल सेवा अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और 15 फरवरी तक 1000 से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 

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