बरेली: सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप पाने वाले 742 छात्रों के डाटा का होगा सत्यापन
बरेली अमृत विचार। सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप योजना का लाभ लेने वाले छात्रों के डाटा का सत्यापन किया जाएगा। छात्रों के डाटा में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय को जांच कराने का आदेश दिया है। शिक्षा मंत्रालय के आदेश पर उच्च शिक्षा निदेशक ने क्षेत्रीय उच्च …
बरेली अमृत विचार। सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप योजना का लाभ लेने वाले छात्रों के डाटा का सत्यापन किया जाएगा। छात्रों के डाटा में किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा निदेशालय को जांच कराने का आदेश दिया है।
शिक्षा मंत्रालय के आदेश पर उच्च शिक्षा निदेशक ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव और सभी संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य को जांच के निर्देश दिए हैं। पूरे प्रदेश में कुल 742 छात्रों के आवेदन की जांच करायी जा रही है जिसमें बरेली मंडल के भी आठ छात्र हैं। डाटा सत्यापन में गड़बड़ी होने पर आवेदन निरस्त किया जाएगा।
सेंट्रल सेक्टर स्कॉलरशिप में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्र आवेदन करते हैं। यह एक राष्ट्रीय योजना है। इसके तहत देश के अलग-अलग 12वीं की परीक्षा पास करने वाले और बोर्ड में टॉप करने वाले छात्र ही आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत यूपी बोर्ड में टॉप करने वाले 742 छात्रों ने आवेदन किया था। ये छात्र अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। कुछ छात्र अपने ही जिले के संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं तो कुछ ने दूसरे जिले के संस्थान में आवेदन किया है।
आवेदन पत्रों में गड़बड़ी की आशंका के चलते शिक्षा मंत्रालय ने सभी आवेदनों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसका मकसद है कि यदि किसी ने गलत आवेदन किया होगा तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और उसकी जगह दूसरे छात्र को मौका मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय से आयी सूची को उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलसचिव व संबंधित संस्थान के प्राचार्य को भेजी है।
इस सूची में बरेली जिले के चार, शाहजहांपुर के दो, बदायूं के दो और पीलीभीत के एक छात्र ने आवेदन किया है। इनमें से एक छात्र बरेली कॉलेज में पढ़ रहा है। अन्य शहर के दूसरे जिलों के संस्थान में पढ़ रहे हैं। क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी बरेली राजेश प्रकाश ने बताया कि स्कॉलरशिप के आवेदनों में गड़बड़ी की आंशका के चलते जांच होती है। शिक्षा निदेशालय से जो सूची आएगी उसकी जांच की जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
