Bareilly: साइबर और फॉरेंसिक जांच से बेनकाब होंगे फर्जी मैन पावर सप्लायर

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Published By Monis Khan
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दिग्विजय मिश्रा, बरेली। जिले में अवैध रूप से मैन पावर सप्लाई के मामलों को लेकर जीएसटी विभाग सख्त हो गया है। लंबे समय से मिल रहीं शिकायतों और इनपुट के आधार पर विभाग ने फर्जी बिलिंग और कागजी कंपनियों के जरिये टैक्स चोरी करने वाले मैन पावर सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खाका तैयार किया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि ईमानदार कारोबारियों को भी प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस तरह के फर्मों पर जल्द ही विभाग एफआईआर भी कराएगा।

जीएसटी अपर आयुक्त ग्रेड वन आशीष रंजन ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में पाया गया कि कुछ मैन पावर सप्लायर बिना किसी वैध पंजीकरण और वास्तविक कर्मचारियों के नाम पर कंपनियां बनाकर उद्योगों और संस्थानों को श्रमिक उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। इसके बदले में ये सप्लायर फर्जी जीएसटी बिल जारी कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठा रहे हैं। कई मामलों में कर्मचारियों का ईपीएफ और ईएसआई भी जमा नहीं किया जा रहा, जबकि कागजों में सब कुछ वैध दिखाया जा रहा है। जीएसटी विभाग ने ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए अब साइबर और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली है। डिजिटल ट्रांजैक्शन, बैंक खातों, मोबाइल लोकेशन, आईपी एड्रेस और जीएसटी पोर्टल पर की गई गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। तकनीकी जांच से फर्जी कंपनियों के पीछे काम कर रहे असली संचालकों की पहचान की जा रही है, जिससे जल्द ही गिरफ्तारी संभव होगी।
एक ही पते पर दिखा रहे दर्जनों कंपनियां

जांच में सामने आया है कि कई सप्लायर एक ही पते पर दर्जनों कंपनियां दिखाकर करोड़ों रुपये का लेनदेन कर रहे हैं। इन कंपनियों के निदेशक या प्रोप्राइटर या तो फर्जी हैं या फिर ऐसे लोग हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति और पृष्ठभूमि इस तरह के बड़े कारोबार से मेल नहीं खाती। फॉरेंसिक जांच में दस्तावेजों की हैंडराइटिंग, डिजिटल सिग्नेचर और बैंक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है, जिससे फर्जीवाड़ा करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जीएसटी विभाग जोन भर में चलाएगा अभियान
जीएसटी अपर आयुक्त ग्रेड वन आशीष रंजन ने बताया कि कार्रवाई की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। आने वाले दिनों में पूरे जोन में विशेष अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध मैन पावर सप्लायरों के ठिकानों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड जब्त करते हुए उनसे गहन पूछताछ भी की जाएगी। साथ ही जिन उद्योगों और कंपनियों ने जानबूझकर ऐसे फर्जी सप्लायरों से सेवाएं ली हैं, उन पर भी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि वे केवल वैध और पंजीकृत मैन पावर एजेंसियों से ही सेवाएं लें।

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