बजट में महिलाओं के लिए बहुआयामी पहल का खाका: बीसी सखी मॉडल से आर्थिक मजबूती, सशक्तीकरण से सुरक्षा तक सरकार का साथ

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा संबंधी सशक्तीकरण को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था से लेकर शहरी सुरक्षा तंत्र तक महिलाओं की भागीदारी को मजबूत किया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण, सुरक्षा और सामाजिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर महिलाओं के लिए विकास का समग्र मॉडल तैयार किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 58,000 ग्राम पंचायतों में कार्यरत 39,880 बीसी सखियों द्वारा 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया गया, जिससे लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित हुआ। इसे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

महिला सामर्थ्य योजना के अंतर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों के गठन की योजना थी। इसके तहत गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में दुग्ध संग्रहण एवं विपणन कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि प्रयागराज और लखनऊ में गठन प्रस्तावित है। महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को लाभ मिल रहा है।

सुरक्षा के मोर्चे पर कदम

सेफ सिटी परियोजना के अंतर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एंटी रोमियो स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सके।

मिशन शक्ति और सुमंगला योजना

मिशन शक्ति के तहत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अंतर्गत जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।

रखी जाएंगी 91 बीसी सखियां, पुरानी होंगी सक्रिय

प्रदेश सरकार ने बजट में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को और सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया है। इस क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ में 91 नई बीसी सखियां रखी जाएंगी और निष्क्रिय बीसी सखियां सक्रिय की जाएंगी। मिशन के तहत जिले की कुल 491 ग्राम पंचायत में 273 बीसी सखी सक्रिय और 127 निष्क्रिय यानी काम नहीं करती हैं। जिन्हें मिशन जागरूक करके सक्रिय करेगा। साथ ही खाली ग्राम पंचायतों पर 91 नई सखियां रखेगा। 

जिला मिशन प्रबंधक तौसीफ अहमद ने बताया कि सरकार की यह अच्छी स्कीम है और बजट की कमी नहीं होती है। इनका काम ग्रामीणों का खाता खोलना, पेंशन संबंधित काम, डीबीटी योजनाओं समेत सभी बैंकिंग कार्य घर-घर जाकर करती हैं। कुछ महिलाएं अस्पतालों पर जाकर गर्भवती महिलाएं और बीमार बुजुर्गों को डिजिटल प्रणाली से उनके खातों से निकासी करके रुपये दिए हैं। 10 से 50 हजार रुपये तक कमा लेती हैं।

प्रतिक्रिया

मिशन से जुड़ने से घर बैठे रोजगार मिला है। ग्रामीणों के लेनदेन से एक हजार रुपये पर 1 प्रतिशत कमीशन मिलता है। इस तरह से अच्छी खासी कमाई हो जाती है। - मिथिलेश, बीसी सखी, मवई कला, मलिहाबाद

- पहले समूह से जुड़कर कामकाज करते थे। सक्रियता को देखते हुए बीसी सखी में चयन हो गया। बैंकिंग कार्यों से कमीशन मिलता है। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।- किरन शर्मा, बीसी सखी, कैथुलिया, मलिहाबाद

 

विकसित उप्र. 2047 का रोडमैप है बजट : सूर्य प्रताप शाही

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि बजट 2026-27 में विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के संकल्प का सशक्त रोडमैप है। यह बजट 25 करोड़ प्रदेशवासियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाएगा।

कृषि क्षेत्र के लिए 10,888 करोड़ का प्रावधान, 20 प्रतिशत वृद्धि

मंत्री शाही ने बुधवार को बताया कि सरकार ने कृषि योजनाओं के लिए लगभग 10,888 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है, जो गत वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026-27 में 753.55 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न तथा 48.18 लाख मीट्रिक टन तिलहन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे प्रदेश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

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