हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लापरवाही, घंटों बेड पर पड़ा रहा किशोरी का शव
हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीय एक अज्ञात किशोरी की मौत के बाद उसका शव करीब पांच से छह घंटे तक इमरजेंसी वार्ड के बेड पर पड़ा रहा, जबकि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। पड़ोसी मरीजों और तीमारदारों ने जब शव में अकड़न देखी, तब इमरजेंसी स्टाफ को इसकी सूचना दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब पांच बजे एक अज्ञात किशोरी को हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि सीतापुर जनपद निवासी रामगोपाल उसे हरपालपुर से लौटते समय बस स्टैंड के पास बेसुध हालत में पड़े देखकर मानवता के नाते अस्पताल लेकर पहुंचे थे। प्राथमिक उपचार के बाद किशोरी को बेड पर लिटाया गया, लेकिन कथित तौर पर इसके बाद उसकी नियमित निगरानी नहीं की गई।
सोमवार रात करीब 12 बजे उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन मंगलवार सुबह करीब छह बजे तक शव उसी बेड पर पड़ा रहा। मंगलवार सुबह पास के बेड पर भर्ती मरीज के तीमारदारों ने जब किशोरी को हिलाया-डुलाया तो उसके हाथ-पैर अकड़े हुए पाए गए। इसके बाद इमरजेंसी स्टाफ को सूचना दी गई, तब जाकर शव को हटाया गया।
चिकित्सकों के अनुसार सामान्यतः मृत्यु के करीब छह घंटे बाद शरीर में अकड़न शुरू होती है। मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि किशोरी की मृत्यु के बाद शव 4-5 घंटे तक बेड पर पड़ा रहा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किशोरी अत्यधिक कमजोर थी, संभव है कि इसी कारण अकड़न अपेक्षाकृत जल्दी आ गई हो। गौरतलब है कि हरदोई, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का गृह जिला है। ऐसे में इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर दबाव भी बढ़ गया है।
