लखनऊ और अयोध्या में दिख गया चांद : कल से माह-ए- रमज़ान, बिखरी रौनक
लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ में बुधवार को रमजान का चांद नजर आया है, चांद दिखने के बाद कल यानी गुरुवार से माह-ए-रमज़ान की शुरुआत होगी। 19 फरवरी से पहला रोज़ा रखा जाएगा। रमज़ान मुस्लिमों के लिए रहमत, मगफिरत और नजात का महीना है। इस दौरान रोज़ेदार सुबह सहरी से लेकर शाम इफ्तार तक अल्लाह की इबादत, कुरान तिलावत और नेकी के कामों में मशगूल रहते हैं।
मरकजी शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास के साथ धर्मगुरुओं ने बुधवार की शाम को हुसैनाबाद स्थित सतखंडा से रमजान का चांद देखा और इस बात की पुष्टि की कि पहली रमजान 19 फरवरी को होगी।
उधर मरकजी चांद कमेटी फिरंगी महल की ओर से ऐशबाग ईदगाह में चांद देखने की रस्म अदा की गई। ईदगाह के इमाम और मरकजी चांद कमेटी फिरंगी महल के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली के साथ धर्मगुरुओं ने चांद देखकर रमजान के शुरू होने की पुष्टि की।
वहीं चांद दिखाई देने के बाद अयोध्या में मस्जिदें रौशन हो गई हैं। तरावीह की नमाज़ से मस्जिदें गूंजने लगी हैं। मुस्लिम बहुल मोहल्लों में रहमत की रौनक छा गई है। लोग एक-दूसरे को रमज़ान मुबारक कहकर मुबारकबाद दे रहे हैं। कई मस्जिदों और संगठनों ने गरीबों और जरूरतमंदों के लिए इफ्तार और सहरी का प्रबंध किया है।
रहमत, इबादत और खुद-सुधार का महीना: मुफ़्ती ए शहर
पवित्र रमज़ान माह को लेकर मुफ़्ती मोइनुद्दीन अशरफी मिस्बाही मुफ्ती ए शहर व सरपरस्त मरकजी अंजुमन तबलीग अहले सुन्नत जामा मस्जिद टाट शाह ने अपने संदेश में कहा कि रमज़ान का मुबारक महीना अत्यंत बरकतों और रहमतों वाला महीना है। इसी पाक महीने में कुरआन मजीद का नुज़ूल हुआ, जो समस्त मानवता के लिए अल्लाह तआला की महान नेमत है। कहा कि रमज़ान की विशेषताओं में यह भी शामिल है कि इसमें फ़र्ज़ इबादत का सवाब 70 गुना तक बढ़ा दिया जाता है, जबकि नफ़्ल इबादत का सवाब फ़र्ज़ के बराबर कर दिया जाता है। हदीस शरीफ़ के हवाले से उन्होंने बताया कि यदि लोग रमज़ान और रोज़े की वास्तविक अहमियत को जान लें तो हर व्यक्ति यह चाहेगा कि पूरा साल ही रमज़ान बना रहे।
