बुनकरी लाखों परिवारों की आजीविका का आधार : राकेश सचान
वस्त्र नीति के तहत फैशन शो आयोजित, 12 बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार
लखनऊ, अमृत विचार : लघु एवं मध्यम उद्यम तथा हथकरघा मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश की बुनकरी सांस्कृतिक धरोहर के साथ लाखों परिवारों की आजीविका का आधार है और सरकार डिजाइन, ब्रांडिंग व निर्यात सहायता के जरिए बुनकरों को सशक्त बना रही है।
उद्यम मंत्री गुरुवार को पारंपरिक बुनकरी को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग द्वारा रविन्द्रालय ऑडिटोरियम में आयोजित फैशन शो में बुनकरों को सम्मानित करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल मौजूद रहे।
फैशन शो में देश के विभिन्न शहरों से आए मॉडलों ने प्रदेश के बुनकरों द्वारा तैयार हैंडलूम, खादी, सिल्क और होम फर्निशिंग उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया। डिजाइनरों ने पारंपरिक साड़ी, जरी सिल्क, दरी, बेडशीट, स्टोल और शॉल को आधुनिक अंदाज में रैंप पर उतारा। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022 के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें परंपरा और आधुनिक फैशन का संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के तहत चयनित 12 बुनकरों को सम्मानित किया गया। मंत्री राकेश सचान ने विजेताओं को अंगवस्त्र, शील्ड, प्रमाणपत्र और डमी चेक प्रदान किए। साड़ी ब्रोकेड श्रेणी में वाराणसी के दुर्गानाथ प्रसाद, दरी श्रेणी में बागपत के नीरज उपाध्याय, होम फर्निशिंग में गोरखपुर की निकहत जहां और स्टोल श्रेणी में वाराणसी की सविता प्रसाद प्रथम रहीं।
