कानपुर : कलर कोड ऊंट के मुंह में जीरा, 70 हजार ई-रिक्शे अवैध, पैदल चलना मुश्किल
कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम व यातायात विभाग ने शहर में दौड़ रहे ई रिक्शों का कलर कोड जारी करने की घोषणा कर दी है लेकिन 70 हजार से अधिक ई रिक्शे ऐसे हैं जिनका न तो कोई पंजीयन है और न ही उन्हें अपने ई रिक्शे का नगर निगम में पंजीयन कराया है। ये मान लीजिये कि कलर के हिसाब से ई रिक्शे चलने लगेंगे, उसके बाद भी शहर को 10 प्रतिशत भी जाम से निजात मिलने वाली नहीं है।
बीते वर्ष कई माह तक नगर निगम, ट्रैफिक लाइन समेत कई स्थानों पर ई रिक्शों का पंजीयन किया गया। ई रिक्शों के चालकों का भी पंजीयन किया गया और ये कहा गया कि ई रिक्शे वही चला पाएंगे जिनका पंजीयन नगर निगम में होगा लेकिन नगर निगम में 30 प्रतिशत भी ई रिक्शों ने पंजीयन नहीं कराया। अब रुट के हिसाब से कलर कोड 25 फरवरी से दिया जाएगा लेकिन जिनका कलर कोड नहीं है, उनका क्या होगा।
….तो ट्रैफिक लाइन फुल हो जाएगा, चालक पहुंच जाएंगे हवालात
नगर निगम में जिन ई रिक्शों ने अपना पंजीयन नहीं कराया है, यदि उनका धरपकड़ की जाए तो पूरा ट्रैफिक लाइन फुल हो जाएगा। हजारों की संख्या में चालक हवालात पहुंच जाएंगे। अपने शहर में ई रिक्शा चलाने वाले बदलते रहे हैं जैसे आज उनका ई रिक्शा चला रहे हैं तो कल दूसरे का ई रिक्शा चलाने लगते हैं। ऐसे में किसी एक ई रिक्शा में चालक नहीं बंध सकता।
घनी आबादी में हजारों, पैदल चलना मुश्किल
हाईवे, मुख्य मार्गों पर ई रिक्शों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, ऐसे में हजारों की संख्या में ई रिक्शे घनी आबादी, बाजार वाले क्षेत्रों में पहुंच चुके है। यदि आपको रूपम चौराहा से तलाक महल होते हुए परेड जाना है तो आप पैदल नहीं जा पाएंगे क्योंकि पानी की टंकी से रहमानी मार्केट तक आप ई रिक्शों की अराजकता से घंटों फंसे रहेंगे। इसी प्रकार लाटूश रोड, इफ्तिखाबाद, नाला रोड, पी रोड, मोहम्मद अली पार्क रोड समेत कई ऐसे मार्ग हैं जिनपर चलना दूभर है।
