एआई इम्पैक्ट समिट में यूपी मॉडल की गूंज: सरकारी स्कूलों में तकनीक आधारित लर्निंग मॉडल की सराहना
लखनऊ, अमृत विचार : दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में उत्तर प्रदेश की एआई आधारित शिक्षा पहल को राष्ट्रीय पहचान मिली है। समिट में जारी ‘इंडियाज एआई इम्पैक्ट स्टार्टअप्स रिपोर्ट’ में देशभर के 110 स्टार्टअप और गैर-लाभकारी संगठनों को शामिल किया गया है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जरिए सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
रिपोर्ट को इंडिया एआई और कल्पा इंपैक्ट द्वारा प्रकाशित किया गया है। इसमें प्रमुख क्षेत्रों में नवाचारों को रेखांकित किया गया है। उत्तर प्रदेश का उल्लेख एआई आधारित शिक्षा मॉडल के उदाहरण के रूप में किया गया है। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में एआई संचालित प्लेटफॉर्म लागू किया गया है। इसके जरिए छात्रों के सीखने के स्तर का आकलन कर उन्हें व्यक्तिगत अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
इससे लर्निंग गैप की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में एआई टूल्स के उपयोग को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि एआई जैसे उभरते तकनीकी उपकरणों का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचना चाहिए। यही वजह है, बजट 2026-27 में भी डिजिटल और एआई आधारित पहलों पर विशेष जोर दिया गया है।
डिजिटल शिक्षा नीति को मिली मान्यता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लंबे समय से शिक्षा में डिजिटल हस्तक्षेप को प्राथमिकता दे रही है। बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालयों और छात्रों वाले प्रदेश में तकनीक आधारित समाधान को व्यापक स्तर पर लागू करना चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय रिपोर्ट में यूपी मॉडल का जिक्र डिजिटल शिक्षा नीति की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
पीपीपी मॉडल बना उदाहरण
रिपोर्ट में सरकार और स्टार्टअप के बीच सहयोग को प्रभावी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। 110 चयनित स्टार्टअप्स में शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन के उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश का उल्लेख प्रदेश की बढ़ती तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
