लखनऊ नगर निगम के 4692.71 करोड़ के मेगा बजट पर लगी मुहर, नहीं देना होगा कोई नया टैक्स, इन चीजों पर है सबसे ज्यादा फोकस

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया गया है, गृहकर में भी अगले तीन महीने तक 10 प्रतिशत छूट दी जाएगी। बजट में सड़क, कूड़ा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट के लिए बजट में मद रखा गया है। 13 मार्च को इसे सदन की बैठक में रखा जाएगा। महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में कार्यकारिणी ने 4692.71 करोड़ रुपये के बजट पर मोहर लगा दी।

बजट में सबसे अधिक ध्यान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर दिया गया है। इस मद में करीब 300 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। नगर निगम का दावा है कि इससे डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। जलकल विभाग के लिए 487 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई। इससे वार्ड स्तर पर नए ट्यूबवेल और सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे। अब खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी जलकल ही करवाएगा। 13 करोड़ से पाइपलाइन बदलने के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।

हाउस टैक्स की वसूली का लक्ष्य 750 करोड़ रुपए रखा है। सड़क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव में 271 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। हालांकि, 2025-26 के पुनरीक्षित बजट में इसे 55 करोड़ रुपए बढ़ाकर इसे 326 करोड़ कर दिया गया था, जिसे फिर से अगले साल पुनरीक्षित बजट में बढ़ाया जाएगा। महापौर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट अब गोमती नगर के आरआर कार्यशाला की जमीन पर बन रहे नए नगर निगम मुख्यालय पर पेश किया जाएगा। इसके लिए अफसरों को अगले साल मार्च 2027 तक नए मुख्यालय के निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। नए मुख्यालय के निर्माण के लिए शासन से नगर निगम को पहली किस्त के रूप में 35 करोड़ की राशि शासन से मिल गई है। मुख्यालय के निर्माण में करीब 116 रुपये खर्च होगा। इसके अलावा 25 प्रतिशत ध्रनराशि नगर निगम खर्च करेगा। कार्यकारिणी बैठक में सदस्य भृगुनाथ शुक्ला , अनुराग मिश्र ''अन्नू'', राजेश सिंह गब्बर, पृथ्वी गुप्ता, अरुण राय, गौरी सांवरिया , केएन सिंह , संदीप शर्मा, राम नरेश चौरसिया, सबा हसन के साथ अपर नगर आयुक्त, उप नगर आयुक्त, मुख्य लेखा अधिकारी, जोनल अधिकारी, चीज इंजीनियर सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

4692.71 करोड़ रुपए का बजट क्या है

इस बजट में 2,278 करोड़ रुपए राजस्व लेखा का है, जो नगर निगम की सम्पत्तियों से टैक्स, लीज रेंट, विभिन्न ठेकों और जुर्माने से होने वाली आय है। 981 करोड़ रुपए राजस्व लेखा राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर मिलने वाले 16 वें वित्त, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सीएम ग्रेड योजना सहित अन्य केंद्र सरकार और राज्य सरकार से आने वाले मद शामिल हैं। 34 करोड़ रुपए ठेकेदारों की जमानत राशि, कर्मचारी कल्याण कोष, सामूहिक जीवन बीमा सहित अन्य मद से आने वाली आय है, जिसे सस्पेंस अकाउंट में रखा गया है। इसके साथ ही इस साल का क्लोजिंग बैलेंस 1399 करोड़ रुपए नए वित्तीय वर्ष में ओपनिंग बैलेंस के रूप में जुड़ेगा, जिससे साल 2026-27 का कुल बजट 4692.71 करोड़ रुपए प्रस्तावित है।

काम की गुणवत्ता के लिए कमेटी बनाने की मांग

सपा पार्षदों का कहना है कि, सीवर, सफाई और सड़क की गुणवत्ता पर बेहतर काम होना चाहिए। सड़क की गुणवत्ता के लिए मॉनिटरिंग कमेटी बननी चाहिए। ऐसी सड़क बने जो कम से कम 10 साल तक जरूर चले। इस पर अधिकारियों के साथ पार्षदों को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मार्ग प्रकाश व्यवस्था को सुधारा जाए। सीवर की समस्या से लोग त्रस्त हैं।

कांग्रेस पार्षद बोले बजट पूरी तरह आंकड़ों का खेल

कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि सड़क मरम्मत व नवीनीकरण के लिए बजट में कटौती करना पूरी तरह गलत है। नगर निगम का पेश किया गया बजट पूरी तरह से आंकड़ेबाजी का खेल है। इस बजट से शहर की जनता को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने कहा कि, वार्ड विकास निधि बढ़ाकर 3 करोड़ करना चाहिए था।

महापौर ने कहा कूड़े से बनाएंगे बिजली

महापौर ने कहा कि शहर का विकास हमारी प्राथमिकता है। हम नए वित्त वर्ष में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाकर देश में नंबर 1 बनाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और सड़क को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। विशेष सदन की बैठक में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट एक ऐतिहासिक कदम है। इससे शहर को सस्ती बिजली उपलब्ध होगी।

जन भागीदारी से शहर को बना रहे बेहतर

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि शहर को साफ सफाई के साथ में कूड़ा निस्तारण में बेहतर बनाया जा रहा है। बजट में लोगों की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। नगर निगम सड़क, पानी, लाइट,स्कूल सहित सभी विषयों पर काम कर रहा है। हम जन भागीदारी से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

खाली जमीनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा

शहर में नगर निगम की खाली जमीनों की सूची तैयार करके पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी। टीम एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगी, जिसमें जमीन का उपयोग, संभावित आय और विकास मॉडल का पूरा खाका होगा। इसके साथ ही हसनपुर खेवली और हरिहरपुर में नगर निगम की खाली पड़ी जमीन पर उत्सव वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इस वाटिका में शादी समारोह व अन्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके निर्माण के लिए बजट 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त रखा गया है। इस बजट से खाली पड़ी जमीनों को तारबाड़ भी किया जाएगा।

मॉडल वेंडिंग जोन का किराया 2,000 कम हुआ

विभूतिखंड में आईजीपी के सामने बने मॉडल वेंडिंग जोन का किराया 5000 से घटाकर 3000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह प्रस्ताव कार्यकारिणी सदस्य अनुराग मिश्र अन्नू की ओर से रखा गया था। महापौर ने बताया कि फीस कम करने के अलावा सभी 110 वार्डों में भी मॉडल वेंडिंग जोन विकसित किये जाएंगे। इसके लिए 30 मार्च तक प्रत्येक वार्ड में वेंडिंग जोन के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित कर अंतिम रूप दिया जाएगा। अप्रैल 2026 में इन वेंडिंग जोन के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए जाएगा। तीन महीने के भीतर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

अवैध होर्डिंग पर होगी कार्रवाई

शहर में लगीं सभी अवैध होर्डिंग को एक सप्ताह के भीतर हटाया जाएगा। जिन एजेंसियों पर यूनिपोल, बस शेल्टर या होर्डिंग का बकाया है उन्हें दो दिन के अंदर शुल्क जमा करना होगा। यदि लाइसेंस फीस नहीं जमा की जाती है तो तत्काल प्रभाव से ऐसी होर्डिंग, यूनिपोल और बस शेल्टर के स्ट्रक्चर को हटाया जाएगा।

श्मशान व कब्रिस्तान पर 6 करोड़ रुपये होगा खर्च

श्मशान घाट व कब्रिस्तान की स्थिति सुधारने के लिए बजट 1 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया गया है। इस बजट से सभी श्मशान घाटों की बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जाएगा।

नगर निगम के स्कूलों का कायाकल्प

नगर निगम के सभी 8 स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। इन स्कूलों में भवन मरम्मत, कक्षाओं का आधुनिकीकरण, फर्नीचर, स्वच्छ शौचालय और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा कान्हा उपवन में एक नए विद्यालय का निर्माण होगा। निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये बजट खर्च किया जाएगा।

40 नए आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे

शहर में 40 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा नगर निगम एक पुस्तकालय के साथ डिजिटल लाइब्रेरी बनाएगा। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और विद्यार्थियों के लिए ई-लर्निंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सत्यापन के बाद जल निगम की योजना होगी हैंडओवर

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि जल निगम से किसी परियोजना के हैंडओवर के समय नगर निगम पहले योजना का सत्यापन करेगा। इसके लिए चीफ इंजीनियर की अगुआई में एक कमिटी गठित की गई है। कमिटी की रिपोर्ट के बाद ही जल निगम की किसी भी योजना को नगर निगम हैंडओवर लेगा। दरअसल आलमबाग इलाके में जल निगम ने गलत पाइप लाइन बिछा दी है। जिसे नगर निगम ने हैंडओवर लेने से मना कर दिया है।

अवैध सर्विस सेंटर पर होगी कार्रवाई

शहर में अवैध तरीके से चल रहे कार सर्विस सेंटर भूगर्भ जल का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे सर्विस स्टेशनों के खिलाफ महापौर ने जीएम जलकल को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा सड़क पर किए जा रहे अतिक्रमण को भी सभी जोनल अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

बजट में इन मदों पर होगा खर्च

निर्माण कार्य के बकाया भुगतान - 405 करोड़

सड़क निर्माण व मरम्मत - 271 करोड़

कार्यदायी संस्था से सफाई - 100 करोड़

कूड़ा निस्तारण - 300 करोड़

एलडीए और आवास विकास की योजनाओं के हैंडओवर - 50 करोड़

नगर निगम के ऋृण, बॉन्ड सहित अन्य खर्च के लिए 46 करोड़

पार्कों का सौंदर्यीकरण और कर्मचारियों का वेतन - 42 करोड़

अहाना एन्क्लेव मल्टी फ्लोर बिल्डिंग के निर्माण - 40 करोड़

नगर निगम की गाड़ियों के डीजल खर्च - 32.50 करोड़

नाला, पुलिया और क्रासिंग निर्माण - 30 करोड़

अभियंत्रण में नियमित और दैनिक कर्मचारियों के वेतन - 25 करोड़

आरआर विभाग में गाड़ियो की मरम्मत - 18.50 करोड़

नगर निगम के स्कूलों की मरम्मत - 16 करोड़ 90 लाख

नालों की सफाई - 15 करोड़

मॉडल वेंडिंग जोन निर्माण - 15 करोड़

नगर निगम की जमीन पर बाउंड्री - 10 करोड़

स्कूलों की मरम्मत और निर्माण - 10 करोड़

कांजी हाउस में अधिष्ठान पर खर्च - 8 करोड़

नए बिजली के खंभे लगाने के लिए - 7 करोड़

बिजली का सामान खरीदने के लिए 6.50 करोड़

पार्कों के सौंदर्यीकरण - 6 करोड़

श्मशान घाट की मरम्मत - 6 करोड़

कल्याण मंडप - 4.40 करोड़

तालाबों के सौंदर्यीकरण - 3 करोड़

कूड़ा घर और शौचालय निर्माण - 2 करोड़

यातायात व्यवस्था में सुधार - 3 करोड़

बाढ़ पंप संचालन - 5 करोड़

नए शौचालय और कूड़ा घर मरम्मत - 4 करोड़

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