मणिपुर के मुख्यमंत्री खेमचंद ने पीएम मोदी से की मुलाकात : शांति, समान विकास और महिला सशक्तीकरण पर जोर

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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नई दिल्ली। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री खेमचंद ने राज्य सरकार के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल में राज्य के दो उपमुख्यमंत्री, भाजपा की नेमचा किपगेन और नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) की लोसी दिखो भी शामिल थे। नेमचा किपगेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं, जो कांगपोकपी जिले की निवासी हैं।

यह मुलाकात मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह के 4 फरवरी को पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री से उनकी पहली औपचारिक भेंट थी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मणिपुर में शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राज्य में जारी चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों में समान विकास और सामंजस्यपूर्ण माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि केंद्र सरकार मणिपुर में पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मुख्यधारा में लाने से राज्य में सामाजिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और लोसी दिखो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मणिपुर आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने आशा जताई कि प्रधानमंत्री का दौरा राज्य में शांति और विकास के प्रयासों को नई गति देगा और केंद्र-राज्य समन्वय को और मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि केंद्र सरकार राज्य के साथ मिलकर हरसंभव सहयोग करेगी। 

उन्होंने शांति बहाली, विकास परियोजनाओं और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर गहन चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब मणिपुर में पिछले कुछ समय से जातीय तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने शांति बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। विभिन्न समुदायों के बीच संवाद, महिला सशक्तीकरण और विकास योजनाओं के माध्यम से राज्य को पटरी पर लाने के प्रयास तेज किए गए हैं।

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