Bareilly: कागजों में दौड़ रही फर्म, 2.41 करोड़ के जीएसटी घोटाले का खुलासा

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Published By Monis Khan
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बरेली/ भोजीपुरा। फर्जी दस्तावेजों के सहारे पांच बोगस फर्म बनाकर कागजों पर फर्म चलाते हुए 2.41 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला किया गया। जालसाजों ने बिना किसी व्यापार के कागजों पर बिल काटकर 2.41 करोड़ रुपये टैक्स की चोरी की। जीएसटी विभाग की जांच में इसका खुलासा होने के बाद राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त गौरव सिंह ने पांच फर्मों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

सहायक आयुक्त गौरव सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि भोजीपुरा के अटा कायस्थान के पते पर ''विजन ट्रेडर्स'' के नाम से 18 सितंबर 2020 को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया गया था। इसका प्रोपराइटर मुश्फिक अली है। विभाग ने जब फर्म की तरफ से दाखिल किए गए रिटर्न की जांच की तो उसमें भारी गड़बड़ी देखने को मिली। इसके बाद टीम ने दिए पते पर जाकर उसका सत्यापन किया तो मौके पर कोई भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं मिली और फर्म पूरी तरह से फर्जी पाई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि विजन ट्रेडर्स ने बिना किसी माल की वास्तविक सप्लाई किए फर्जी चालान जारी किया। फर्जी आईटीसी प्राप्त करते हुए 1,20,74,663 रुपये की फर्जी आईटीसी आगे पास की, 1,20,58,047 रुपये इस प्रकार कुल 2.41 करोड़ से अधिक का फर्जीवाड़ा किया गया।

एक ही आईपी एड्रेस का किया गया इस्तेमाल
इन जालसाजों ने एक ही आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करते हुए जाली इलेक्ट्रॉनिक जीएसटी रिकॉर्ड तैयार किया और पोर्टल पर झूठे रिटर्न दाखिल किए। विजन ट्रेडर्स के इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क में बरेली और मुरादाबाद की पांच अन्य फर्में भी शामिल पाई गई हैं। जिन्होंने इस फर्जी आईटीसी का सीधा फायदा उठाया है। विभाग ने इन फर्मों की भी पहचान कर ली है। जिनमें मिन्हा एंटरप्राइजेज बरेली प्रोपराइटर मुशाहिद अली, एबॉट इंटरनेशनल मुरादाबाद प्रोपराइटर अंकित अग्रवाल, एमए ट्रेडर्स बरेली प्रोपराइटर मुतानिर अली, आरके ट्रेडर्स बरेली प्रोपराइटर राज कमल बंते और सिंह ओवरसीज बरेली प्रोपराइटर रमेश ठाकुर इन सभी फर्मों ने विजन ट्रेडर्स से जाली चालानों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर सरकारी राजस्व को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

कई फर्मों का रजिस्ट्रेशन विभाग कर चुका है रद्द
सहायक आयुक्त गौरव सिंह ने बताया कि इनमें से कई फर्मों का रजिस्ट्रेशन विभाग ने खुद रद्द कर चुका है। भोजीपुरा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि सहायक आयुक्त गौरव सिंह की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और फर्जीवाड़ा समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। इस खुलासे के बाद बरेली के व्यापारी वर्ग और टैक्स चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है।

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